मेवाड़ स्तरीय भव्य स्वागत समारोह ऋषभदेव में 20 नवम्बर को

– पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समारोह में करेंगे शिरकत
– आचार्य महाश्रमण की धवल वाहिनी लम्बे-लम्बे डग भरते हुए पहुंची शिशोदा
– सम्पूर्ण मेवाड़ से 5 हजार से अधिक श्रावक-श्राविकाएं बिछाएंगे पलक-पावड़े  

उदयपुर, 18 नवम्बर।  तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अधिशास्ता आचार्य महाश्रमण धवल वाहिनी सहित लम्बे-लम्बे डग भरते हुए 20 नवम्बर को ऋषभदेव पहुंचेगे। जहां मेवाड़ स्तरीय भव्य स्वागत समारोह का आयोजन कीका भाई धर्मशाला में होगा।
श्री मेवाड़ जैन श्वेताम्बर तेरापंथी कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष राजकुमार फत्तावत ने बताया कि स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत होंगे। समारोह की अध्यक्षता भीलवाड़ा के प्रमुख उद्योगपति ओस्तवाल ग्रु्रप के निदेशक प्रवीण ओस्तवाल करेंगे। सम्मानीय अतिथि के रूप में राजस्थान सरकार के सहकारिता मंत्री गौतम दक होगें। विशिष्ठ अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत, चित्तौडग़ढ सांसद सीपी जोशी, पूर्व मंत्री एवं खेरवाड़ा विधायक दयाराम परमार, उदयपुर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, निम्बाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी, खेरवाड़ा पूर्व विधायक नानालाल आहरी, राजसमंद विधायिका दीप्ति किरण माहेश्वरी, कपासन विधायक अर्जुन जीनगर, बेगंू विधायक सुरेश धाकड़ सहित मेवाड़ क्षेत्र के राजनेता, सामाजिक एवं धार्मिक विशिष्ठजन उपस्थित रहेंगे।
मेवाड़ यात्रा के संयोजक पंकज ओस्तवाल ने बताया कि आचार्य महाश्रमण का स्वागत करने पूरा मेवाड़ आल्हादित है तथा मेवाड़ स्तरीय स्वागत समारोह की सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया  गया है। समारोह में सम्पूर्ण मेवाड़ से लगभग 100 बसों एवं छोटे वाहनों के माध्मम से करीब 5 हजार से अधिक श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रहेंगे।
अध्यक्ष फत्तावत ने बताया कि आचार्य महाश्रमण 18 नवम्बर को प्रात: बरौठी से विहार कर शिशोद  पधारे। आचार्य महाश्रमण का आज का प्रात:कालीन प्रवास शिशोद राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हुआ। सांयकाल को आचार्य महाश्रमण पुन: विहार कर  स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल पधारे। आचार्य महाश्रमण का अपनी धवल वाहिनी के साथ अगला पड़ाव 19 नवम्बर को  में होगा। जैसे जैसे आचार्य महाश्रमण मेवाड़ की और पधार रहे हैं वैसे वैसे मेवाड़ के विभिन्न क्षेत्रों के श्रावक श्राविकाओं का दर्शन हेतु आना लगा हुआ है।
आचार्य महाश्रमण ने विहार के बाद उपस्थित जन समुदाय को अमृत देशना देते हुए फरमाया कि सम्यकत्व के लिए धर्म और साधना का विकास आवश्यक है। अगर व्यक्ति सम्यकत्व की भावना पुष्ट करता है तो मोक्ष की प्राप्ति भी संभव है। आज के कार्यक्रम में  राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय शिशोद के प्रधानाचार्य श्रीमती ज्योति बाला डामोर का सीमा धोका, मीना नवलखा, मंजू शोभावत का साहित्य समर्पण , उपरना और स्मृति चिन्ह से अभिनंदन किया गया। अंत में उपस्थित जन समुदाय को मंगल पाठ का श्रवण करवाया गया।
मार्ग सेवा में किशनलाल डागलिया, राजकुमार फत्तावत, भूपेंद्र चोरडिय़ा , कमलेश कच्छारा,दीपक सिंघवी, महावीर मेडतवाल, ज्ञान बडोला, हर्ष नवलखा, कमल बीकानेरिया, शांतिलाल कोठारी, अनिल बडोला, अंकित परमार, ज्ञानचंद मादरेचा, चंद्रेश फत्तावत,सुनील मुनोत ,जय चौधरी,वैभव चौधरी,अक्षत पोरवाल आदि आचार्य महाश्रमण की मार्ग सेवा में सहभागी रहे।

By Udaipurviews

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