युवाओं में बढ़ती हार्ट संबंधित बीमारियां चिंता का विषय

-समय रहते जांच में बीमारी की जल्दी पहचान संभव
– सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी करवाना बेहतर उपाय

उदयपुर, 24 सितम्बर। कार्डियोवेस्कूलर बीमारियां अभी भी भारत में मौत का सबसे बड़ा कारण है। ये बीमारियां लगभग 31 प्रतिशत मौतों के लिए जिम्मेदार है। दुनिया भर में भी हार्ट की बीमारी सबसे बड़ी मौत का कारण है और भारत में 40 साल से कम उम्र के लोगों में इसके कैस बढ़ रहे हैं।

पारस हैल्थ उदयपुर के कार्डियोलॉजी निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ अमित खण्डेलवाल ने भारत के रजिस्ट्रार जनरल के सर्वे के आधार पर यह महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि तनाव, गलत खानपान, अनियमित लाइफस्टाइलऔर शारिरक गतिविध की कमी इसके मुख्य कारण है लेकिन समय पर जांच, नई जांच तकनीक और स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाने से कई हृदय बीमारियों को रोका या बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।

आगामी 29 सितम्बर को वर्ल्ड हार्ट डे के मद्देनजर खास जागरुकता कार्यक्रम में डॉ खण्डेलवाल ने बताया कि हार्ट की बमारी अब सिर्फ बुजुर्गों में नहीं होती बल्कि अब हम कई युवाओं में भी हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और शुरुआती ब्लॉकेज के केस देख रहे हैं। सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी जैसी एडवांस्ड डायग्नोस्टिक और कम चीरे वाली इंटरवेशनल प्रक्रियाओं के साथ अगर लोग सही लाइफस्टाइल अपनाए तो हम खतरे को जल्दी पहचान सकते हैं और लोगों की जान बचा सकते हैं। जागरुकता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है।

पारस हैल्थ के फैसिलिटी डायरेक्टर डॉ प्रसुन कुमार ने बताया कि फोकस सिर्फ इलाज पर नहीं, बल्कि रोकथाम और जागरुकता पर भी रहना चाहिए। लोग नियमित रूप से हार्ट चेकअप करवाएं, ब्लॅड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल् पर ध्यान दें। इसके अलावा स्वस्थ हार्ट के लिए सुरक्षित लाइफस्टाइल अपनाएं ताकि खतरों को गंभीर रूप से पहले ही रोका जा सके।

By Udaipurviews

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