उदयपुर। रोटरी क्लब दृष्टि की ओर से आज मींरा नगर स्थित एनआईसीसी में आयोजित सेमिनार में बोलते हुए डा.ॅस्वीटी छाबड़ा ने बताया कि थीटा हीलिंग एक ऐसी पद्धति है जो नेगेटिव से पॉजीटिव उर्जा प्रदान करती है।
उन्होंने बताया कि हीलिंग एक अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा उपचार पद्धति है, जिसकी स्थापना वियाना स्टिबल ने की थी, जो किसी व्यक्ति को उच्चतम स्रोत ऊर्जा/चेतना से जुड़ने और उस स्थान से उपचार प्रदान करने की अनुमति देती है। हम इसे 7वें तल की ऊर्जा कहते हैं। जिससे अभ्यासकर्ता को थीटा ब्रेनवेव रखने की अनुमति मिलती है। यह बिना शर्त प्यार और शुद्ध चेतना का स्थान है। यहाँ से अभ्यासकर्ता दूसरे व्यक्ति की ऊर्जा को स्कैन कर सकता है और उपचार या रीडिंग प्रदान कर सकता है।
डॉ. छाबड़ा ने बताया कि थीटा हीलिंग का मुख्य आधार विश्वास कार्य है। हमारा अवचेतन मन कई स्तरों पर विश्वास रखता है। चाहे वह हमारा वर्तमान जीवन हो या हमारा पिछला जीवन। कई बार हमारें नकारात्मक आनुवंशिक विश्वास अनजानें में हमारे जीवन और हमारे व्यवहार को प्रभावित करते हैं। थीटा हीलिंग में हम इन नकारात्मक अवचेतन विश्वासों, भावनाओं और कार्यक्रमों से निपटते हैं और उन्हें बदलते हैं। थीटा हीलिंग के कुछ सत्रों के साथ अपने लंबे समय से चले आ रहे नकारात्मक विश्वासों और भावनाओं को बदल सकते हैं।
यह आत्म-चिकित्सा और निश्चित रूप से दूसरों के उपचार के लिए एक प्रभावी उपकरण है। खुद को जानना जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है, न कि केवल हमारी ज़रूरतें और इच्छाएँ, बल्कि हम कौन हैं। यह थीटा हीलिंग से संभव है। यह विभिन्न बीमारियों और मानसिक मनोवैज्ञानिक मुद्दों को ठीक करने में भी बहुत प्रभावी है। हमारा अवचेतन मन विशाल है और हमारे भूत, वर्तमान, भविष्य की जानकारी रखता है। हमारे अवचेतन मन में पिछले जन्मों की यादें, हमारी आत्मा की यात्रा, हमारी वर्तमान जीवन की घटनाएँ और हमारी सभी आनुवंशिक जानकारी भी होती है। इस प्रकार थीटा हीलिंग की मदद से इस जानकारी तक पहुँचना और किसी व्यक्ति को ठीक करने के लिए क्या आवश्यक है, इसका समाधान करना संभव है।
नेगेटिव से पॉजीटिव उर्जा प्रदान करती है थीटा हीलिंग पद्धति
