-दिन भर बंद रहने से मायूस होकर लौटते रहे पर्यटक, दुकानें खुली लेकिन पसरा रहा सन्नाटा
उदयपुर, 28 नवम्बर: मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार में राजतिलक की रस्मों के चलते महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन की ओर से बंद किया गया सिटी पैलेस चौथे दिन गुरुवार शाम को खोल दिया गया। इससे पहले दिनभर सिटी पैलेस बंद रहने से पर्यटक निराश होकर लौटते रहे। वहीं सुबह पैलेस रोड का बाजार अवश्य खुला लेकिन दिनभर सन्नाटा पसरा रहा।
बता दें मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वराजसिंह मेवाड़ के राजतिलक के बाद सिटी पैलेस स्थित धूणी के दर्शन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था। पैलेस प्रबंधन द्वारा गत 25 नवम्बर को सिटी पैलेस का मुख्य द्वार बंद कर देने से रात में पथराव जैसी घटना के बाद उदयपुर प्रशासन द्वारा रिसीवरी की कार्रवाई की गई। तब से सिटी पैलेस आमजन के लिए बंद रहा और क्षेत्र में पुलिस का भारी लवाजमा लगा रहा। गुरुवार को चौथे दिन शाम तक सिटी पैलेस देखने आने वाले देसी विदेशी पर्यटक मुख्य दरवाजा बंद देख मायूस होकर वहां से लौटते रहे। बुधवार रात को विश्वराजसिंह मेवाड़ के धूणी दर्शन के साथ ही विवाद शांत होने के बाद हालात पूर्ववर्ती सामान्य हुए। सभी पक्षों के संतुष्ट होने के बाद गुरुवार शाम करीब छह बजे सिटी पैलेस के मुख्य द्वार खोल दिए गए। इस मौके पर पूर्व राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराजसिंह ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताते हुए बताया कि शुक्रवार से सिटी पैलेस आमजन के लिए पहले की तरह खुलेगा। राजमहल सैलानियों के स्वागत के लिए तैयार है।
इससे पहले विवाद के चलते क्षेत्र में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जगदीश चौक और पैलेस रोड पर तीन चरणों में लगाए गए बेरिगेड गुरुवार को हटाने शुरू किए जो शाम तक पूरी तरह से हटा दिए। इससे पैलेस रोड फिर से आवाजाही के लिए खुल गया। स्थानीय व्यापारियों ने भी अपने होटल, रेस्टोरेंट, हेंडीक्राफ्ट शोरूम व अन्य प्रतिष्ठान पर्यटकों के लिए खोले लेकिन दिन भर बाजार में पर्यटकों की आवाजाही नहीं होने के कारण सन्नाटा पसरा रहा। चार दिन सिटी पैलेस बंद रहने के कारण व्यापारियों को आर्थिक रूप से खासा बड़ा नुकसान हुआ। इससे मायूस व्यापारियों का कहना है कि सिटी पैलेस शुक्रवार को आमजन व पर्यटकों के खुलने के बाद भी व्यापार सामान्य होने में एक-दो दिन का समय लग सकता है क्योंकि यहां उपजे विवाद के बारे देश दुनिया में सूचना पहुंचने से पर्यटकों ने अपनी बुकिंग निरस्त करने के साथ ही उदयपुर ट्यूर पोस्पोंड कर दिए हैं। नवंबर और दिसम्बर पर्यटकों का पीक सीजन रहता है जब हर रोज पांच हजार पर्यटकों की आवाजाही सिटी पैलेस देखने वालों की रहती है। सिटी पैलेस को भी चार दिनों में करीब चालीस लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है।
रिसीवर का नियमानुसार निस्तारण
विश्वराजसिंह मेवाड़ के राजतिलक की रस्म के बाद धूणी दर्शन को लेकर उपजे विवाद के बाद जिला प्रशासन द्वारा सिटी पैलेस के विवादित स्थल की रिसीवरी कार्रवाई की गई थी। नोटिस के जरिए संबंधित पक्ष से जवाब मांगा गया था जो दे दिया गया है। जिला कलेक्टर अरविंद पोसवाल ने बताया कि लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की ओर से जवाब प्रशासन को मिल चुका है। इसके साथ ही रिसीवरी कार्रवाई का निस्तारण नियमानुसार प्रक्रिया पूरी होगी।
प्रतिबंधात्मक आदेश प्रत्याहरित
जिला मजिस्ट्रेट अरविन्द पोसवाल ने गुरुवार को आदेश जारी कर शहर के सिटी पैलेस क्षेत्र में लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश को प्रत्याहरित कर लिया है। आदेशानुसार संबंधित क्षेत्र में कानून व्यवस्था बहाल होने एवं परिशांति कायम होने से पूर्व जारी प्रतिबंधात्मक आदेश को त्वरित प्रभाव से प्रत्याहरित किया गया है। उल्लेखनीय है कि पूर्व राजपरिवार के सदस्यों के बीच धूणी माता मंदिर में दर्शन को लेकर उपजे विवाद के चलते कानून व्यवस्था बिगड़ने की संभावना के मद्देनजर 26 नवम्बर को प्रतिबंधात्मक प्रावधान लागू किए थे।
चौथे दिन शाम को खुल गया सिटी पैलेस
