भीलवाड़ा : स्वैच्छिक भार वृद्धि घोषणा योजना

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

31 दिसंबर तक कृषक अतिरिक्त भार वृद्धि के लिए कर सकेंगे आवेदन
योजना 31 दिसंबर 2023 तक के जारी कनेक्शनों पर लागू

भीलवाडा/अजमेर, 25 जुलाई। अजमेर विद्युत वितरण निगम क्षेत्र के कृषि उपभोक्ताओं के  कृषि क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता में वृद्धि और राजस्व हानि को रोकने के लिए कृषि उपभोक्ताओं को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से स्वैच्छिक भार वृद्धि घोषणा योजना लागू की है। यह योजना 31 दिसंबर 2024 तक प्रभावी रहेगी। यह योजना 31 दिसंबर 2023 तक जारी कृषि कनेक्शनों पर लागू होगी।

अजमेर विद्युत वितरण निगम के जनसम्पर्क अधिकारी सतीश सोनी ने बताया कि योजना के प्रावधानों के अनुसार ऐसे कृषक जो उसी कुएं पर दूसरी मोटर लगाकर भार वृद्धि करते हैं अथवा दूसरे कुएं पर जो उसी खसरा/खेत/परिसर/मुरब्बा में हो, दूसरी मोटर चलाने के लिए भार बढ़ाते हैं उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। स्वैच्छिक भार वृद्धि घोषणा योजना के अन्तर्गत यदि कृषि उपभोक्ताओं को विद्युत भार बढ़ा हुआ पाया जाये तो उनसे कोई पेनल्टी राशि नहीं ली जाकर मात्र 60 रूपए प्रति एचपी की दर से धरोहर राशि जमा करवा कर भार नियमित किया जायेगा।

जनसम्पर्क अधिकारी ने बताया कि जो पात्र कृषि उपभोक्ता इस योजना का लाभ नहीं उठाते हैं तो इस योजना की अवधि समाप्ति पर चैकिंग के दौरान उनका भार स्वीकृत भार से अधिक पाये जाने पर उनसे कृषि नीति के अनुसार राशि वसूली जाएगी। उन्होंने बताया कि दो वर्ष पूर्व तक कटे हुये कनेक्शनों को यदि उपभोक्ता भार वृद्धि के साथ जुडवाना चाहता है तो वह भी इस योजना का लाभ ले सकता है।

योजना अवधि में योजना का लाभ उठाने वाले कृषि उपभोक्ताओं के लिये आवश्यक होने पर ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि व नई 11 केवी लाईन एवं सब-स्टेशन का खर्चा निगम द्वारा वहन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि स्वैच्छिक भार वृद्धि घोषणा योजना लागू होने के दौरान यदि किसी उपभोक्ता की बढ़े हुए भार की वीसीआर भरी जा चुकी तो वह भी इस योजना के प्रावधानों के अनुसार नियमित की जाएगी तथा योजना की समाप्ति ( 31 दिसंबर 2024) के पश्चात् भार सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

जिला स्तरीय बी.ओ.सी.डब्ल्यू. टास्क फोर्स समिति की बैठक 31 जुलाई को

भीलवाड़ा, 25 जुलाई। जिला स्तरीय बी.ओ.सी.डब्ल्यू. टास्क फोर्स .(बीटीएफ) समिति की बैठक जिला कलक्टर नमित मेहता की अध्यक्षता में 31 जुलाई को सायं 4 बजे जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित होगी। यह जानकारी उप श्रम आयुक्त सुनील कुमार यादव ने दी।

चम्बल भीलवाडा पेयजल परियोजना से ब्लॉक सुवाणा, सहाड़ा व रायपुर के गांवों (मय गंगापुर शहर) में 26 जुलाई से 27 जुलाई तक पेयजल आपूर्ति रहेगी बाधित
भीलवाड़ा, 25 जुलाई। किश्नावतों की खेड़ी, पटेल नगर भीलवाड़ा, पम्प हॉउस से कारोई पम्प हॉउस तक की मेन ट्रांसफर पाइप लाइन गुरला तालाब में पेडेस्टलस पर डिस्टर्ब होकर लीकेज हो जाने से मरम्मत कार्य एवं पेडेस्टलस् पर आर.आर.सी. केपिंग कार्य किया गया परन्तु पेडेस्टलस पर डीआई पाइप लाइन डिस्टर्ब होकर पुनः लीकेज होने से प्रभावित डीआई पाईप्स को एम.एस. पाइप से बदलने का कार्य करने मे 2 दिन का समय और लगना संभावित है।

अधिशाषी अभियंता, जन स्वा.अभि.विभाग परियोजना खण्ड-गंगापुर भीलवाडा राम राय सोमानी ने बताया कि सुवाणा ब्लॉक के पुर पम्प हॉउस सहित आगे के व सहाड़ा एवं रायपुर ब्लॉक के सभी गांवों (मय गंगापुर शहर) में 26 जुलाई से 27 जुलाई तक चम्बल परियोजना से पेयजल आपूर्ति बाधित रहेगी ।

जिला कलक्टर ने ली राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक,
कार्ययोजना के साथ लंबित प्रकरणों को तेजी से निराकरण के दिए निर्देश

भीलवाड़ा, 25 जुलाई। जिला कलक्टर श्री नमित मेहता ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिये हैं। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर की अध्यक्षता में जिले के राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई।

बैठक को संबोधित करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि जिले में राजस्व अधिकारी भू-रूपांतरण सहित राजस्व से संबंधित सभी प्रकार के प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करें, ताकि आमजन को जल्द से जल्द राहत मिल सके। इसके लिए सभी राजस्व अधिकारी अपने न्यायालय में दर्ज राजस्व प्रकरणों में उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित करें एवं ज्यादा से ज्यादा दावों की सुनवाई करें।

बैठक में कलक्टर ने जिले में भू-आवंटन, औद्योगिक प्रयोजनार्थ भू-संपरिवर्तन, नामान्तरण, सीमाज्ञान, पत्थरगढ़ी सहित सभी तरह के लम्बित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व संबंधी सभी प्रकरणों को त्वरित गति से निस्तारित करने के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने पटवारियों, ग्राम विकास अधिकारियों की कार्यालय में उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उपखण्ड अधिकारियों एवं तहसीलदार को कार्यालयों के औचक निरीक्षण के निर्देश दिये।

इस दौरान अधिकारियों को पौधारोपण महाअभियान से संबंधित तैयारियां एवं व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिये गए। साथ ही उन्होंने मानसून सीजन के दौरान उपखंड में आपदा प्रबंधन के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिये। उन्होंने जलभराव की स्थिति में जल निकासी एवं आमजन को रेस्क्यू करने के लिए जरूरी इंतजाम दुरुस्त रखने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अधिकारी समय रहते रेस्क्यू टीमों को मौके पर पहुंचने के लिए पाबंद करे ताकि बारिश के दौरान आपदा प्रबंधन किया जा सके।

बैठक कलक्टर ने अधिकारियों को जाति प्रमाण पत्र एवं मूल निवास प्रमाण पत्र लंबित प्रकरणों के भी निस्तारण के निर्देश दिये। साथ ही, रात्रि चौपाल एवं दौरों का विवरण संपर्क पोर्टल पर अपलोड करने के साथ-साथ राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज परिवादों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण कर आमजन को राहत देने के निर्देश दिये। जिला कलक्टर ने अवैध खनन, भण्डारण व निर्गमन गतिविधियों की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए आवश्यक कारवाई करने के निर्देश दिए। उपखण्ड क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) रतन कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) श्रीमती वंदना खोरवाल, जिले के समस्त उपखंड अधिकारी, तहसीलदार सहित अन्य राजस्व अधिकारियों एवं संबंधित विभागों के  अधिकारी मौजूद रहे।

By Udaipurviews

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