कलाकारों और पर्यटकों को आने-जाने में नहीं होगी कोई परेशानी
वृहद स्तर पर आयोजित होने जा रहा है आदि महोत्सव – कलेक्टर
उदयपुर 23 सितंबर। जिले की छिपी हुई अनूठी जनजाति संस्कृति को देश और विदेश तक पहचान दिलाने में निरंतर प्रयासरत जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा की पहल पर विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर सबसे सुरम्य आदिवासी अंचल कोटड़ा में आयोजित होने जा रहे दो दिवसीय ‘आदि महोत्सव-2022 (कोटड़ा)’ की तैयारियां ज़ोरों पर है एवं कलेक्टर इसकी बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं। लगभग एक हजार पर्यटक, बड़ी संख्या में स्थानीय जनजाति कलाकार, सात राज्यों के लोक कलाकार, विभिन्न खेल गतिविधियां, आदिवासी खान-पान और आभूषण-औजार के स्टॉल, एडवेचर गतिविधियां आदि इस समारोह में चार चाँद लगाने वाली हैं। अधिकारी भी अपनी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर महोत्सव के भव्य आयोजन में जुट गए हैं। पूरे जिले में आदि महोत्सव को लेकर उत्साह का माहौल है।

कलक्टर ने किया लोगो और प्रोमो वीडियो लांच
जिला कलेक्टर ताराचंद मीणा ने आदि महोत्सव के लोगो और प्रोमो वीडियो लांच किया है। लोगो और प्रोमो वीडियो में आदिवासी संस्कृति की झलक दिखाई दे रही है। प्रोमो वीडियो में कोटड़ा के विहंगम प्राकृतिक दृश्य एवं लोक कलाकारों की झलक दशाई गई है, जो आमजन के पर्यटकों को आकर्षित कर रही है।
एसडीएम ने लिया तैयारियों का जायजा
‘आदि महोत्सव-2022 (कोटड़ा) की तैयारियां जोरो पर है। उपखण्ड अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ उपखण्ड एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों-कार्मिकों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और वहां चल रही तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने तैयार हो रहे मंच, डॉम के साथ कार्यक्रम स्थल पर की जाने वाली व्यवस्थाओं के संबंध में विकास अधिकारी धनपत सिंह से चर्चा की और वहां मौजूद विभिन्न विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
27 और 28 सितंबर को दो दिन चलेगा महोत्सव
महोत्सव का शुभारंभ 27 सितंबर को प्रातः 11 बजे होगा। दोपहर 2 बजे से अपराह्न 4 बजे तक परंपरागत खेलों का आयोजन होगा। दूसरे दिन 28 सितंबर को पूरे दिन प्रातः 11 बजे से सायं 5 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। दोनों ही दिन विविध प्रकार की गतिविधियां आकर्षण का केंद्र होंगी।
विभिन्न विभागीय योजनाओं व उपलब्धियों पर लगेगी प्रदर्शनी
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर जनजाति कोटा महोत्सव 2022 के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा विभागीय उपलब्धियों व जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राजकीय एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल में प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इस संबंध में जिला कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को पंचायत समिति कोटडा के विकास अधिकारी से संबंध स्थापित कर एक दिन पूर्व स्टॉल लगाने जिसमें योजना से संबंधित पम्फलेट, फ्लैक्स, बैनर, पोस्टर, मॉडल सामग्री आदि का प्रदर्शन वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
खेल और एडवेंचर से रोमांचित होंगे पर्यटक
पहले दिन 27 सितम्बर को विभिन्न परंपरागत खेल गतिविधियां शामिल की गई हैं। जिला खेल अधिकारी शकील हुसैन ने बताया कि इसके तहत रस्साकशी, रुमाल झपट्टा, मटका दौड़ 50 मीटर सहित अन्य खेलों का आयोजन स्थानीय महिला पुरुषों व देशी विदेशी मेहमानों के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा महोत्सव में पर्यटकों के लिए पानरवा में एडवेंचर स्पोर्ट्स, ट्रेकिंग, ट्री वॉक एवं नाल साँडोल में जीप लाइन, वोटर रोलिंग जैसे एड्वेंचर स्पोर्ट्स जोड़े गए हैं जो देशी विदेशी पर्यटकों को रोमांचित करेंगे। साथ ही आदि महोत्सव में सात राज्यों के लोक कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।
जनजाति खान पान और व्यंजनों को प्रदर्शित कर उनसे भी पर्यटकों को परिचित करवाया जाएगा। महोत्सव में विशेष आकर्षण के रूप में जनजाति क्षेत्र में प्रचलित मक्की की पनियां, मक्की की रोटी, राब, दाल बाटी, खरड का मसाला आदि का फ़ूड कोर्ट लगाया जाएगा जहाँ पर्यटक इन व्यंजनों का लुत्फ़ उठा सकेंगे।
प्राकृतिक सौंदर्य को निहारते का मिलेगा मौका
फेस्टिवल में शिरकत करने वाले देशी-विदेशी पर्यटक व अन्य सभी मेहमान अरावली की वादियों के बीच प्राकृतिक सौंदर्य को निहारते हुए कोटड़ा पहुंचेंगे। मेहमान अलसीगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य का दिग्दर्शन करते हुए झाड़ोल से पानरवा होते हुए कोटड़ा पहुंचेंगे।
कलाकारों और पर्यटकों को कोटड़ा पहुंचाने की है माकूल व्यवस्था
फेस्टिवल स्थल तक पहुंचने के लिए जिला मुख्यालय से 25 बसों का संचालन किया जा रहा है। निर्धारित समयानुसार इन बसों के माध्यम से पर्यटकों, स्थानीय प्रतिभाओं व इच्छुक लोगों को कार्यक्रम स्थल तक लाने-ले जाने की व्यवस्था रहेगी। इसी तरह यहां ठहरने के ईच्छुक पर्यटकों के लिए स्थानीय स्तर पर आवास की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि इसके साथ यहां जिला प्रशासन की ओर से इस कार्यक्रम में एह हजार पर्यटकों के साथ 10 हजार से अधिक स्थानीय लोगों के भाग लेने की संभावना को देखते हुए कई माकूल प्रबंध किये गये है।
आदिवासी भोजन की महक से महकेगा कोटड़ा
जिला कलक्टर ने बताया कि इस आयोजन के दौरान कार्यक्रम स्थल पर फूड कोर्ट बनाया जा रहा है, जहां आगन्तुक उचित दाम पर मेवाड़ के लजीज व स्थानीय भोजन का लाभ ले सकेंगे। इस फूड कोर्ट में विभिन्न स्टॉल्स बनाई जा रही है, जिसमें मेवाड़ी दाल बाटी, राब, मोटे अनाज की रोटी, मौसमी सब्जियां, छाछ, पकौडे, चाय, दूध आदि उपलब्ध रहेंगे। महोत्सव में विशेष आकर्षण के रूप में जनजाति क्षेत्र में प्रचलित मक्की की पनियां, मक्की की रोटी, राब, दाल बाटी, खरड का मसाला आदि का फ़ूड कोर्ट लगाया जाएगा जहाँ पर्यटक इन व्यंजनों का लुत्फ़ उठा सकेंगे। सीताफल उत्कृष्ट केंद्र चित्तौड़गढ़ द्वारा एवं विधिक सेवा प्राधिकरण भी एक प्रदर्शनी एवं स्टोल लगाई की जाएगी।
सात राज्यों के कलाकार पहुंचेंगे महोत्सव में
आदि महोत्सव में पश्चिम बंगाल से नटुवा नृत्य दल, उडि़सा से सिंगारी नृत्य दल, लद्दाख से जबरो एवं याक डांस दल, गुजरात से राठवा नृत्य दल, महाराष्ट्र से सौंगी मुखौवटे नृत्य का दल एवं मध्यप्रदेश से गुतुम्ब बाजा एवं सिला कर्मा नृत्य का दल यहाँ अपनी प्रस्तुति देंगे। राजस्थान के बारां से सहरिया स्वांग दल, कुशलगढ़ बांसवाड़ा से गैर नृत्य दल, नापला बांसवाड़ा से घूमरा नृत्य दल, ऋषभदेव से गवरी नृत्य दल, उपलागढ़ आबूरोड से वालर अथवा रायन नृत्य दल, अम्बासा एवं झाड़ोल से मावलिया नृत्य दल, उदयपुर से अमित गमेती के नेतृत्व में गवरी नृत्य दल आदि शामिल होंगे।
कोटड़ा के स्थानीय कलाकारों को मिलेगा मंच
कोटड़ा और आसपास के गांवों के स्थानीय कलाकारों को भी इस मौके पर अपनी कला प्रदर्शन का भरपूर मौका मिल रहा है। स्वांग गीत के लिए बंशी, लादूरा उर्भाया, भंवरलाल पारगी लंकू, लक्ष्मण, देहरी के दल प्रस्तुति देंगी। हरेला गीत के लिए दल्लाराम, वादा, मामेर, कालूराम खैर, सौन्द्रफ का दल प्रस्तुति देगा। ढोल एवं बांसुरी दल में श्रवण कुमार, भादिया देहरी का दल प्रस्तुति देगा। वालर नृत्य में भूरा राम कोचा का दल प्रस्तुति देगा। देशी भजन कार्यक्रम में बक्षीराम पारगी गुरा, कालूराम निचलाथला का दल प्रस्तुति देगा। इसी प्रकार से ढाक पर गीत में भूरजी एवं जोगीवड़ का दल एवं देशी गीत हेतु बाबूलाल गमार एवं उपली सुबरी का दल प्रस्तुति देगा।
होंगे आदिवासी वस्त्र, आभूषण, औजार और अन्य साजो सामान के दर्शन
कोटड़ा महोत्सव में आने वाले पर्यटक आदिवासी उत्पाद एवं साजो-सामान के दर्शन कर सकें एवं इन्हें खरीद कर घर ले जा सके इसके लिए विशेष रूप से 22 स्टॉल्स लगाई जाएंगी। इनमें वाद्य यन्त्र, लकड़ी की सामग्री, बांस, परम्परागत भोजन, औजार, लघुवन उपज, आभूषण एवं वेशभूषा आदि की स्टॉल्स लगेंगी। साथ ही हस्तशिल्प, देवी देवताओं के ध्वजा, घोड़े, परम्परागत बीज एवं अनाज, राजीविका के उत्पाद, वन उत्पाद, सीताफल, आदि की स्टॉल्स लगाईं जाएंगी। इसके अतिरिक्त सामुदायिक वन अधिकार, पंचायतीराज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग, कृषि एवं उद्यान, पशुपालन, वोटरशेड आदि विभाग भी अपनी अपनी स्टॉल्स लगा कर योजनाओं की जानकारी देंगे।
