बक्षी गली वट केश्वर् महादेव मंदीर पर श्री शिवपुराण कथा का छठा दिवस का विश्राम 

प्रतापगढ़: वटकेशवर महादेव मंदिर बक्षी गली , तलाई मोहल्ला में चल रही सप्त दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा का आज छठा दिवस में विश्राम हुआ ।
शिव भक्त मण्डल के जय सिंह राठौड़, महेंद्र सिंह जादव एवं टीम ने बताया कि श्री शिवमहापुराण कथा आज छठवे दिवस में विश्राम लिया। पण्डित घनश्याम शास्त्री (नारायण खेड़ा वाले) ने कथा के दौरान पार्वती के पुत्र द्वारा भगवान ब्रह्मा विष्णु तथा इंद्र आदि सभी देवताओं का हराना अंत में शंकर जी के क्रोध द्वारा त्रिशूल से पार्वती पुत्र का सिर काटना , देवी का नाराज होना , शिव जी ने देवी को प्रसन्न करने के लिए हाथी का सिर लगाया, इसलिए नाम गजानन नाम पडा , प्रथम पूजा गणेश की होने का वरदान शिव जी ने दिया

दूसरा प्रसंग समुद्र मंथन के दौरान समुद्र से लक्ष्मी जी भी प्रकट हुए तथा राक्षस जलंधर भी प्रकट हुआ तो लक्ष्मी जी ने विष्णु जी से कहा कि यह राक्षस भी समुद से समुद्रमंथन के दौरान प्रकट हुआ अतः ये मेरा भाई हुआ अतः इसका सहार नही कर सकते लेकिन इसका इसका सहार महादेव के हाथो से ही लिखा था जलंधर की पत्नी वृंदा देवी का बड़ी तपस्यवान थी जिसके कर्मो के कारण ही उसका फल जलंधर राक्षस को मिल रहा था । भगवान विष्णु द्वारा वृंदा देवी का सतीत्व भंग करना, भगवान विष्णु द्वारा तथा शंकर जी के द्वारा जलंधर का उद्धार करना का प्रसंग विस्तार से सुनाया।
श्री शिव महापुराण कथा के दौरान सभी महिलाएं ने खड़ी होकर भाव विभोर हो कर अम्बे मां के भजनों पर गरबा देते हुए नृत्य कर कथा स्थल को भक्ति सागर में विलीन कर दिया ।
इसी दौरान कथा में पधारे सनातन धर्म समिति के अध्यक्ष एवं‍ पूर्व चेयरमैन नगरपालिका – ओम प्रकाश ओझा , कैलाश जी जोशी (कैलाश गुरु) , मांगीलाल जी पण्डित सा. अरनोद तथा सत्यनारायण जी शर्मा धम्मोतर जिनका स्वागत राजेंद्र सिंह देवड़ा , जगदीश सिंह सोलंकी , नटवर सिंह देवड़ा, एवं जय सिंह राठौड़ द्वारा उपरना औढ़ा कर किया गया। साथ ही सनातन धर्म समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश ओझा द्वारा अपने दो शब्दो में आशीर्वाद स्वरूप धर्म के प्रति काफी अच्छा संदेश दिया। प. मांगीलाल जी शर्मा अरनोद ने भी धार्मिक प्रवचन सुनाए
श्री अजीत सिंह चौहान और प्रताप सिंह सोलंकी ने बताया कि कल प्रातः 8 बजे हवन एव पूजा आरती पश्चात श्री शिव महापुराण कथा निर्धारित समय पर आरंभ होगी । कथा समाप्ति पर आरती पश्चात महा प्रसादी होगी।
आप सभी श्रोता गण प्रचण्ड गर्मी के दौरान भी श्री शिव महापुराण ज्ञान गंगा का श्रवण कर धर्म का लाभ ले रहे शिव भक्त मंडल आपका बहुत बहुत आभारी है। दी.23-05-24 को एक दिवस की कथा और शेष है अतः अधिक से अधिक संख्या में पधार कर वैशाख माह में धर्म का लाभ लेवे।
By Udaipurviews

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