ऐक ने कही दूसरे ने मानी उसको कहते सच्चा ज्ञानी” परिवार मे असीम सुख का मूल मंत्र

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें
उदयपुर 19 मई । ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्विद्यालय के अंतर्गत मोती मंगरी स्कीम पार्क मे चल रहे नौ दिवसीय “अलविदा तनाव हैप्पीनैस प्रोग्राम” के अंतिम दिन तनाव मुक्ति विशेषज्ञ पूनम बहन ने परमात्मा के महावाक्य मुरली को विस्तार मे समझाते हुए प्रोग्राम का समापन “गुड बाय टैंशन” उत्सव मना कर किया । प्रोग्राम के मीडिया कोर्डिनेटर प्रोफेसर के अनुसार पूनम बहन ने बताया कि मुरली वो महावाक्य हैं जिन्हें स्वयं निराकार परमात्मा ने प्रजापिता ब्रह्मा के तन मे अवतरित होकर उच्चारित कर हमको दिये है । मुरली नए नए सकारात्मक एवं शक्तिशाली विचारों का भंडार है। इस ज्ञान को हम अपने जीवन मे उतार कर उत्तरोत्तर प्रगति पथ पर अग्रसर होकर एक  खुशहाल समाज का निर्माण करने मे सक्षम बनेंगे। जब तक मनुष्य अपने देह के भान मे रहेगा तब तक व दुख बीमारियों व कष्टों का अनुभव करता रहेगा किंतु जिस क्षण वो अपने को आत्मा समझ उसके सात मूल गुणो ( शांति, प्रेम, सुख, आनंद , पवित्रता , शक्ति , ज्ञान) को अंगीकार करेगा तो स्वत: ही जीवन व्याधियों से मुक्त हो जायेगा। मस्तिष्क की असीम शक्ति की बदौलत हम वो होते है जो हम सोचते है । मानव पंच विकारों (काम क्रोध मद मोह लोभ) के चलते पाप कर्म कर विपदाओं को आमंत्रित करता है क्योंकि कर्म कभी पीछा नहीं छोडते । अत: मुरली को आत्मसार करने से जन्म जन्मांतर के पाप कटते है और हमारा जीवन खुशहाल होने लगता है । साथ ही मेडिटेशन से हम अपने अंदर नवीन ऊर्जा का संचार करते है जिससे एकाग्रता बढ़ती है , मन मे भटकाव नहीं रहता व इंद्रियों पर विजय प्राप्त होती है। नियमित अभ्यास करते रहने से आशातीत परिणाम परिलक्षित होने लगते है ।
फिर सभी ने धूमधाम से “गुड बाय टैंशन” उत्सव मनाया जिसमे टैंशन बने व्यक्ति ने बेमन से “चल उड़ जा रे पंछी” पर विदाई ली। इसी तरह तनाव, बीमारी, क्लेश आदि के लिये ” आज पुरानी राहों पर कोई मुझे आवाज ना दे” , —“हम तो चले परदेश”, — तेरी गलियों मे ना रखेंगे कदम ” — “हमतो जाते अपने गांव सबको राम राम राम” गीतों पर विदाई ली। अंत मे लाफिंग बुद्धा हंस हंस कर पूरे स्टेज व पांडाल मे सभी के साथ हर्षोल्लास ने डांस किया ।
अपने उद्बोधन मे मुख्य संयोजिका ब्र कु रीटा बहन ने कहा कि नौ दिन शिविर सुनने व अभ्यास करते रहने से सभी के चेहरे चमक रहे है । मुरली का महत्व दोहराते हुए उन्होंने कहा कि मुरली आत्मा का भोजन है जिसकी आत्मा को हर रोज आवश्यकता रहती है । मुरली सुनने से तन मन धन संबंध मे आ रही प्रोब्लम दूर होती है । पूनम बहन के इस नौ दिवसीय शिविर के बाद हम सभी मे आत्मविश्वास आ गया है कि विपत्ति मे शिव बाबा को सच्चे मन से याद करने मात्र से वो प्रगट होकर हमारे दुख दर्द हर लेंगे। आज  प्रकृति के पांचो तत्व हमारे मित्र बन गये है जिसके परिणामस्वरूप हमारा यह शरीर निरोगी हो सुचारू रुप से कार्य कर रहा है। सुखी परिवार का सूत्र है ” एक ने कही दूसरे ने मानी – उसको कहते सच्चा ज्ञानी”। कभी कभी “हार्मोनी” का अर्थ “हार – मानी” निकाल कर परिवार मे असीम सुख शांति प्राप्त की जा सकती है । उन्होंने सभी उदयपुर शहरवासियों की ओर से पूनम बहन का इस अलौकिक ज्ञान गंगा प्रवाह के लिये कोटी कोटी  आभार व्यक्त करते हुए उनके सुदीर्घ जीवन की मंगलकामना की।
ब्र कु शांती बहन ने कहा कि  शिविरार्थियों के लिये मोती मंगरी केन्द्र पर आगामी 15 दिन तक सुबह व सांय 7 से 8 बजे मुरली व मेडिटेशन के विशेष सत्र आयोजित होते तद्पश्चात सेंटर के नियमित आध्यात्म केन्द्र यथावत चलेगें जिनमे हम केन्द्र की सभी ब्रह्माकुमारी बहने आपका स्वागत करतीं है।
By Udaipurviews

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