श्री पीताम्बरा आश्रम में चन्द्रमा की साक्षी में देर रात्रि तक चला श्री विद्या महानुष्ठान

श्रीयंत्र पूजन-अर्चन एवं श्रीविद्या विधान में श्रद्धालुओं ने लिया हिस्सा
नगर परिषद सभापति जैनेन्द्र त्रिवेदी ने पंचोपचार पूजनअक्षत-पुष्पार्चन एवं महा आरती विधान किया

 बाँसवाड़ा, 24 फरवरी/गायत्री मण्डल की ओर से श्री पीताम्बरा आश्रम में माघ पूर्णिमा एवं ललिता जयन्ती के उपलक्ष्य में शुक्रवार को आयोजित रात्रिकालीन श्रीविद्यार्चन महानुष्ठान में अर्द्ध रात्रि के बाद तक खुले आसमान के नीचे पूर्णिमा के चाँद की स्निग्ध रोशनी एवं शीतल बयारों के बीच श्रीविद्या साधक-साधिकाओं एवं श्रद्धालुओं ने आसन जमाकर विभिन्न अनुष्ठान किए और चन्द्र पूजन के उपरान्त चन्द्र बिम्ब की साक्षी में कई प्राचीन यंत्रार्चन विधान सम्पन्न किए।

 जैनेन्द्र त्रिवेदी का अभिनन्दन- इनके उपरान्त गायत्री मण्डल की ओर से नगर परिषद सभापति जैनेन्द्र त्रिवेदी का अभिनंदन किया गया। मण्डल के मुख्य संरक्षक दिलीप गुप्ता एवं उपाध्यक्ष मनोहर जी. जोशी एवं अन्य पदाधिकारियों ने स्वस्तिवाचन मंत्रों के समवेत गान के साथ पुष्पमालाओं, पगड़ी एवं शॉल से अभिनन्दन किया।

 श्रीयंत्रों की विधिविधान से आवरण पूजा-इस दौरान् गायत्री मण्डल के कोषाध्यक्ष पं. विनय भट्ट के आचार्यत्व में आयोजित अनुष्ठान विधान में मुख्य साधक के रूप में बांसवाड़ा नगर परिषद के सभापति जैनेन्द्र त्रिवेदी ने विधि-विधान से श्री विद्यार्चन अनुष्ठान के साथ दर्जन भर से अधिक दिव्य श्रीयंत्रों का पूजन-अर्चन किया और त्रिपुराम्बिका की महा आरती उतार कर पुष्पान्जलि स्तवन किया। अनुष्ठानों की शुरूआत सभापति जैनेन्द्र त्रिवेदी ने विनायक एवं हनुमान महापूजा तथा पंचदेव स्तवन से की।

श्रीविद्या महानुष्ठान में देर रात्रि तक भद्र सूक्त, श्रीसूक्त, ललिता सहस्रनामावली एवं ललिता त्रिशती से चन्द्रबिम्ब का पुष्प, अक्षत एवं सुगंधित द्रव्यों से अर्चन, श्रीविद्या खड्गमाला, सौभाग्यष्टोत्तरशत् स्तोत्र, ललितास्तव पाठ आदि का क्रम जारी रहा। इसके उपरान्त क्षीर अमृत प्रसाद का वितरण किया गया।

इन अनुष्ठानों एवं आरती विधान आदि कार्यक्रमों में गायत्री मण्डल के मुख्य संरक्षक दिलीप गुप्ता, मण्डल के संरक्षक पं. नरहरिकान्त आर. भट्ट, उपाध्यक्ष मनोहर जोशी, प्रमुख वास्तुविद चन्द्रशेखर जोशी, पं. सुशील त्रिवेदी, श्रीमती खरिका अभींशु, पीताम्बरा परिषद के सह संयोजक पं. मधुसूदन व्यास, साहित्य परिषद के संयोजक भंवर गर्ग ‘मधुकर’, चन्द्रेश व्यास, आश्रम के कार्यक्रम समन्वयक पं. मनोज नरहरि भट्ट, अजय अधिकारी, ओमप्रकाश व्यास, योगिता आचार्य, रामायणपाठी पं. गिरीश जोशी, शारदा मईड़ा, मनोज राणा आदि साधकों एवं साधिकाओं ने श्रद्धापूर्वक हिस्सा लिया।

By Udaipurviews

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