वनवासियों को सहानुभूति की नहीं समानुभूति की आवश्यकताःडॉ. कुमावत
उदयपुर, 03 नवम्बर। आलोक संस्थान, आलोक इंटरेक्ट क्लब, आलोक समाज सेवा प्रकोश्ठ, रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर द्वारा 35वां उनके घर भी दीया जले महाअभियान का शुभारम्भ आलोक संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत के मुख्य आतिथ्य, रोटेरियन सतीश चन्द्र जैन, गजेन्द्र जोधावत, तेजसिंह मोदी, निश्चय कुमावत, वीरेंद्र पालीवाल के विशिष्ट आतिथ्य में राजकीय प्राथमिक विद्यालय झिण्डोली, ग्राम पंचायत रामा में हुआ।
डॉ. प्रदीप कुमावत ने बताया कि आलोक संस्थान द्वारा विद्यार्थीयों में समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व का निर्वाहण करने के लिए प्रतिवर्श ग्रामीण दूर अंचल क्षेत्रों में जहाँ पैदल चलकर ही पहुँचा जा सकता हैं वहाँ के क्षेत्रों में जाकर बच्चों, ग्रामीण जनों को दीपाली की मिठाई, पटाखें, लक्ष्मीजी का चित्र, बर्तन, जूते, खिलौंने, इत्यादि इकट्ठे कर उन ग्रामीण, जरूरत बंध के बीच बाँटे जाने का एक अनूठा प्रयास आलोक पिछले 34 वर्षाे से कर रहा हैं। वनवासियों को सहानुभूति की नहीं समानुभूति की आवष्यकता है।
इस अवसर पर आलोक इन्टरेक्ट क्लब के छात्र-छात्राओं ने ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के साथ विभिन्न खेल खेले तथा आपस में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर बच्चों को डॉ. प्रदीप कुमावत द्वारा लाफ्टर योग भी करवाया गया। इन बच्चों में स्वास्थ्य जागरूकता की दृश्टि से बच्चों के हाथ कैसे धोने चाहिए तथा कैसे स्वस्थ रहना चाहिए इसकी भी जानकारी डॉ. प्रदीप कुमावत द्वारा दी गई।
प्रारम्भ में स्थानीय विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रेखा गुर्जर, मंजु कुमारी, सुरेन्द्र पालीवाल द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया गया।
हास्य योग, उल्लास और उपहारों की भेंट के साथ उनके घर भी दीया जले महाभियान का शुभारम्भ
