-सनातनी चातुर्मास में देर रात तक जमी भजन संध्या, खुशाल भारती महाराज भी बिराजे
-06 नवम्बर को दिगम्बर खुशाल भारती महाराज का अवतरण दिवस मनाया जाएगा
-15 नवम्बर से रामकथा करेंगे पं. प्रेम भूषण
उदयपुर, 03 नवम्बर। ‘सारे तीरथ धाम आपके चरणों में, हे गुरुदेव प्रणाम आपके चरणों में’ इस भजन की पंक्तियों को गायक कलाकारों ने जैसे ही सुर दिए, मानो गुरु भक्ति की सरिता बह चली, माहौल ऐसा भावभीना हो गया कि स्वयं मढ़ी मन मुकुंद दिगम्बर खुशाल भारती महाराज भी आनंद विभोर होकर स्वयं इस भजन को गाने लगे।
मौका था, गुरुवार रात यहां बलीचा स्थित बड़बड़ेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में चल रहे सर्व समाज सनातनी चातुर्मास के तहत आयोजित भजन संध्या का। विजयदशमी पर मां बगलामुखी की आराधना का दस दिवसीय महायज्ञ पूर्ण होने के बाद आयोजित इस भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन गायक मोइनुद्दीन मनचला ने गुरु भक्ति के भजनों से सभी को भावविभोर कर दिया। उनके सुरों के साथ स्वयं खुशाल भारती महाराज ने भी सुर मिलाए। इस दृश्य वहां मौजूद भक्तों को भावुक कर दिया। इस दौरान गुरुदेव के जयकारों से पाण्डाल गूंज उठा। भजन संध्या में भैरूलाल बारेगामा, मनीष मेनारिया ने भी भक्ति गीतों की प्रस्तुतियां दीं।
मीडिया संयोजक मनोज जोशी ने बताया कि छह नवम्बर को दिगम्बर खुशाल भारती महाराज का अवतरण दिवस धूमधाम से मनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। उदयपुर सहित देश भर के विभिन्न स्थानों से दिगम्बर खुशाल भारती महाराज के शिष्य व अनुयायी यहां पहुंचेंगे। प्रातः वेला में अभिषेक व हवन होगा, दोपहर में भण्डारा होगा और शाम को भजन संध्या व भण्डारा होगा।
आगामी 15 नवम्बर से अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास पं. प्रेम भूषण की रामकथा शुरू होगी। पं. प्रेम भूषण महाराज का भजन ‘पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा’ जन-जन में विख्यात है। यह रामकथा 24 नवम्बर तक चलेगी।
