उदयपुर। स्पेक्ट्रम रिसोर्ट में चल रहे 4 दिवसीय हास्य योग सम्मेलन के दूसरे दिन आज हास्य योग के साथ-साथ गांधी जी व हास्य के बीच समन्वय को बखूबी बताया।
हास्य गुरू जितेन कोही ने बताया कि यह जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है कि क्योंकि आप जो बोलते हुए है उसे शॉर्ट करें वह आपके दीर्घायु और दीर्घ स्वास्थ्य के लिये काफी लाभप्रद होता है।
लाफ्टर गुरू डॉ. प्रदीप कुमावत ने कहा कि महात्मा गांधी के बारंे मंे धारणा है कि वो बहुत गंभीर व्यक्ति थे जबकि उनका सेंस ऑफ ह्यूमर इस तरह का था वो तनाव पूर्ण परिस्तिथियों के बीच भी हास्य को अपने जीवन मे तवज्जो देते थे। कहीं बार महात्मा गांधी को लाफ्टर गुरु भी कहा जाता है।
इस अवसर पर उन्होंने योग के इतिहास के बारे मे भी जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार योग हस्तांतरण होते हुए आगे बढ़ा।
आर.क.ेजैन ने कहा कि जीवन में तनाव दूर करनें के लिय हास्य सबसे बढ़िया साधन है। इस सम्मेलन में आ कर ऐसा लगता है कि जीवन में सिर्फ हास्य ही हास्य है। हास्य ने जीवन को बहुत ही सुन्दर बना दिया है। वहंा गम को कोई नामोनिशान नहीं है। हमें हास्य के साथ-साथ योगा को भी जीवन का अभिन्न अंग बना देना चाहिये ताकि स्वस्थ रहते हुए दीर्घायु जीवन व्यतीत कर सकें। प्रणिता तलेसरा ने बताया कि सम्मेलन में आये प्रतिभागी इस सम्मेलन को अपने जीवन का टर्निंग पॉइन्ट बता रहे है। उन्हें विश्वास है कि यहंा से जाने के बाद उनके जीवन में बहुत परिवर्तन होने वाले है।
हास्य सम्मेलन लोगों के जीवन में साबित हो रहा है टर्निंग पॉइन्ट
