पर्यटकों को आकर्षित करेंगी गवरी नृत्य की प्रस्तुतियां

गवरी दल मुखियाओं से मांगे आवेदन
उदयपुर, 8 सितंबर। माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान, उदयपुर (राज.) द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी उदयपुर शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर मेवाड़ का प्रमुख पारम्परिक जनजातीय नृत्य नाटिका गवरी का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए गवरी दल मुखिया 12 सितम्बर 2023 तक आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।
संस्थान निदेशक डॉ. तरू सुराणा ने बताया कि संस्थान की ओर से पारम्परिक जनजाति कला एवं संस्कृति के संरक्षण एवं कलाकारों को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष शहर के प्रमुख स्थलों पर गवरी नृत्य का मंचन कराया जाता रहा है। इस वर्ष सहेलियों की बाड़ी, गणगौर घाट एवं भारतीय लोक कला मण्डल में गवरी नृत्यों की प्रस्तुतियां करवायी जाएंगी। गवरी कार्यक्रम के नोडल अधिकारी महावीर कुमार बाहेती ने बताया कि गवरी कलाकार दल मुखिया का चयन किया जाएगा, जो कि गांव से कलाकारों को उदयपुर लाकर निर्धारित स्थान पर गवरी नृत्य नाटिकाओं की प्रस्तुतियां कराएंगे। संस्थान द्वारा प्रति गवरी सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

अकादमी के लेखक से मिलिए कार्यक्रम में रूबरू होंगे कुंदन माली
उदयपुर, 8 सितंबर। राजस्थान साहित्य अकादमी के लेखक से मिलिए कार्यक्रम में शहर के सुप्रसिद्ध साहित्यकार प्रो कुंदन माली साहित्य प्रेमियों से रूबरू होंगे। अकादमी अध्यक्ष दुलाराम सहारण ने बताया कि शनिवार को बारां हिंदी प्रचारिणी सभा भवन में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में कहानीकार गौरीकांत शर्मा उनसे वार्ता करेंगे। वार्ता के पश्चात खुले सत्र में उपस्थित साहित्य प्रेमियों की जिज्ञासाओं को शांत करेंगे। अकादमी और युवा मंच संस्थान के साझे में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अकादमी प्रदेशभर मे इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से नामचीन साहित्यकारों की रचनायात्रा से साहित्यप्रेमियों को अवगत कराने का कार्य कर रही है।

By Udaipurviews

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