श्रावक अपनी शक्ति के अनुसार तपस्या करें :  साध्वी प्रफुल्लप्रभाश्री

– सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं के जयकारों से गूंज उठा आयड़ तीर्थ
– आयड़ जैन तीर्थ में चातुर्मासिक प्रवचनों की श्रृृंखला जारी  

उदयपुर  5 अगस्त । श्री जैन श्वेताम्बर महासभा के तत्वावधान में तपागच्छ की उद्गम स्थली आयड़ तीर्थ पर बरखेड़ा तीर्थ द्वारिका शासन दीपिका महत्ता गुरू माता सुमंगलाश्री की शिष्या साध्वी प्रफुल्लप्रभाश्री एवं वैराग्यपूर्णाश्री आदि साध्वियों के सानिध्य में शनिवार को विशेष चातुर्मासिक मांगलिक प्रवचन हुए।  महासभा के महामंत्री कुलदीप नाहर ने बताया कि आयड़ तीर्थ के आत्म वल्लभ सभागार में सुबह 7 बजे दोनों साध्वियों के सानिध्य में ज्ञान भक्ति एवं ज्ञान पूजा, अष्ट प्रकार की पूजा-अर्चना की गई।    चातुर्मास संयोजक अशोक जैन ने बताया कि प्रवचनों की श्रृंखला में प्रात: 9.15 बजे साध्वी प्रफुल्लप्रभाश्री व वैराग्यपूर्णा ने ने अपने प्रवचन में बताया कि जैन शासन बहुत ही विवेकपूर्ण है। जैन शासन में कोई भी अनुष्ठान अपनी शक्ति के उपरांत करने की मनाई है। इसीलिए प्रतिदिन  पच्चक्खान दिए जाते हैं, एक साथ पच्चक्खान नहीं दिए जाते हैं। विवेक पूर्वक, शक्ति अनुसार तपस्या करें उसकी मनाई नहीं है। परन्तु कभी कोई विवेकचूक जाए तो इतने मात्र से संपूर्ण धर्म को खराब नहीं कहा जा सकता हैं। यदि कोई व्यापारी गलत प्रकार से धंधा करे तो दूसरे व्यापार बंद नहीं करते। कोई एक डोक्टर गलत कार्य करे तो सारे डॉक्टर गलत हैं, ऐसा कहकर हस्पिटल बंद नहीं करते। उसी प्रकार कोई विवेक चूक जाए तो धर्म उपवास आदि ही गलत हैं, यह कहकर उपवास बंद नहीं किया जाना चाहिए। आप इतना समझ लीजिए कि जैन शासन किसी भी अनुष्ठान को यथा शक्ति और विवेकपूर्वक करने के लिए ही कहता है। जैन श्वेताम्बर महासभा के अध्यक्ष तेजसिंह बोल्या ने बताया कि आयड़ जैन तीर्थ पर रविवार को वामादेवी माता का थाल का आयोजन किया जायेगा। प्रतिदिन सुबह 9.15 बजे से चातुर्मासिक प्रवचनों की श्रृंखला में धर्म ज्ञान गंगा अनवरत बह रही है।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!