एक दिन पहले क्षिप्रा लैब पर छापा मारकर जब्त की थी सरकारी दवाइयां, आरोपी को कोर्ट ने 2 दिन रिमांड भेजा
उदयपुर, 28 जुलाई (ब्यूरो) । एक दिन पहले शहर के कलक्टर बंगला के सामने स्थित निजी क्षिप्रा लैब से जब्त की गई सरकारी दवाइयों के मामले में लैब डायरेक्टर ब्रजेश विकास भारद्वाज को हाथीपोल थाना पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से 2 दिन के रिमांड पर भेजा गया है।
पुलिस को प्राथमिक जांच यह पता लगा है कि आरोपी को सरकारी दवाइयां सरकारी नुमाइंदों की ही मिलीभगत से मिली । पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है जो उसे दवाइयां पहुंचाने का काम करता था।
पुलिस पूरी जांच के बाद इस मामले का जल्द खुलासा करेगी कि आरोपी ब्रजेश विकास भारद्वाज ने सरकारी दवाइयां कहां से और किसके जरिए खरीदी थी। पुलिस इस अन्य मेडिकल स्टोर और जांच लैब में भी सरकारी दवाइयां सप्लाई होने की संभावना पर जांच में जुटी है।
एमबी अधीक्षक बोले-हॉस्पिटल में इस बैच की डिलिवरी हुई ही नहीं
इधर, मामले में संभाग का सबसे बड़ा सरकारी महाराणा भूपाल हॉस्पिटल प्रशासन खुद का बचाव करता दिख रहा है। हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन ने इस बात से साफ इंकार कर दिया कि जिस बैच की सरकारी दवाइयां निजी क्षिप्रा लैब पर मिली थीं, उन दवाइयों की डिलिवरी उनके ड्रग वेयर हाउस में हुई ही नहीं।
दरअसल, सीएमएचओ डॉ शंकर बामणिया ने जो सरकारी दवाइयां जब्त की थी, उनकी एक वायल एमबी हॉस्पिटल जांच के लिए भेजी थी। जहां बैच का मिलान करने पर अधीक्षक ने खुद के यहां उस बैच की दवाइयां होने से इंकार कर दिया।
दवा की प्रति वायल रेट 1500 से 2000 रुपए
सीएमएचओ ने निजी क्षिप्रा लैब पर गुरुवार को छापामार कार्रवाई करते हुए सरकारी दवाइयां बरामद की थी। ये दवाइंया सिटी स्कैन के दौरान मरीज को लगाई जाती है। सीएमएचओ ने दो थैली में भरी करीब 300 वायल जब्त की। सीएमएचओ डॉ बामणिया ने बताया कि लेहेक्सोल इंजेक्शन की 50 एमएल की वायल की कीमत मार्केट में 1500 से 2000 प्रति वायल है। सीएमएचओ ने बताया कि दवाइंया सीज कर ली।
सरकारी दवाइयां खरीदने वाला लैब डायरेक्टर गिरफ्तार
