9वां विश्व योग दिवस हर्षोल्लास से मनाया
योग, व्यायाम से हर रोग का ईलाज संभव ……..
उदयपुर 21 जून / जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय एवं एनसीसी 10 राज बटालियन के संयुक्त तत्वावधान में 09वें विश्व योग दिवस के अवसर पर स्कूल ऑफ एग्रीेकल्चरल साईंसेज के प्रांगण में आयोजित योग शिविर का शुभारंभ कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत, एडम आफिसर कर्नल विवेक चतुर्वेदी, केन्द्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा की प्रो. नीरजा धनकर, डॉ. एमी धनकर, प्रो. गजेन्द्र माथुर, प्रो. सरोज गर्ग, डॉ. शैलेन्द्र मेहता ने मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित व दीप प्रज्जवलित कर किया। योग शिविर में बड़ी संख्यॉ में शरीक हुए एनसीसी केडेट्स, विद्यापीठ कार्यकर्ता, शहर के गणमान्य नागरिकों को योग गुरू डॉ. रोहित कुमावत, रंजना राणा, देवेन्द्र पालीवाल, कृष्णा जणवा, एनसीसी केडेट्स वंदना शर्मा, मानव, गोविन्द द्वारा सभी कार्यकर्ताओं को प्राणायाम, अनुलोम विलोम, वज्रासन, चक्रासन, वक्रासन, हलासन, सर्वांगासन, पश्चिमोत्तान आसन, गोमुखासन, मत्स्यासन, उष्ट्रासन, ताडासन, पादहस्तासन, का करीब एक घंटे तक अभ्यास कराया।
योग समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि प्राचीन समय से ही भारतवर्ष योग के माध्यम से विश्व गुरू रहा है, आज की युवा पीढी तकनीेकी युग में इसे भूल रही है जिससे वह कई बिमारियों से ग्रसित हो रहा है। आज की युवा पीढी को योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। भारतीय योग परम्परा में योग शारीरिक व मानसिक क्रियाओं से कहीं आगे आत्म, चित्त-वृत्ति से जुड़ी वो क्रियाएँ हैं जो आत्म व परमात्म से जुड़ाव के साथ-साथ मनुष्य व प्रकृति के श्रेष्ठतम सामंजस्य को प्रदर्शित करता है। योग में सदैव मानवीय मूल्यों और चारित्रिक उत्थान के भाव निहित होते हैं। गीता में मन के समभाव योग कार्य कौशल और कर्मयोग के रूप में योग को उल्लेखित किया गया है। मनोकायिक रोग जैसे मधुमेह, सर्वाइकल, कब्ज, मनोरोग जैसे गंभीर रोग योगाभ्यास से दूर किये जा सकते है। मन की शांति के लिए योग महत्वपूर्ण है योग के माध्यम से हम सकारात्मक विचार ग्रहण करते है जिससे शरीर में नवीन उर्जा का संचार होता है। योग के अभ्यास से शारीरिक, मानसिक एवं अध्यात्मिक स्वास्थ्य का लाभ हेाता है जो कि आज की भाग दौड़ भरी जीवनशैली में अत्यंत आवश्यक है।
प्रो. जीवन सिंह खरकवाल, प्रो. आईजी माथुर, डॉ. तरूण श्रीमाली, योग शिविर में स्पोट्स बोर्ड सचिव डॉ. भवानीपाल सिंह राठौड, डॉ. दिलीप सिंह चौहान, डॉ. धमेन्द्र राजौरा, डॉ. शैलेन्द्र मेहता, डॉ. एसबी नागर, डॉ. सुभाष बोहरा, डॉ. अमी राठौड, डॉ. युवराज सिंह राठौड, डॉ. सुनिता मुर्डिया, डॉ. बलिदान जैन, डॉ. अपर्णा श्रीवास्तव, डॉ. हिम्मत सिंह, सुबेदार अजय सिंह, डॉ. एजाज, मनोज रायल, डॉ. गुणबाला आमेटा, डॉ. ममता कुमावत, डॉ. सौरभ सिंह, निजी सचिव कृष्णकांत कुमावत सहित विद्यापीठ के डीन डायरेक्टर ने योग का अभ्यास किया।
