अभ्युदय के दीपावली स्नेह मिलन में निजी विद्यालयों की एकता पर जोर

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

डॉ. प्रदीप कुमावत बने अभ्युदय के संरक्षक सदस्य, शिक्षा के उत्थान में पूर्ण सहयोग का दिया आश्वासन

उदयपुर। अभ्युदय — “एक मंच, एक संकल्प, सबका स्वाभिमान” के तत्वावधान में दीपावली स्नेह मिलन एवं संगठनात्मक विस्तार कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आलोक संस्थान, उदयपुर के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत रहे। कार्यक्रम में निजी विद्यालयों की एकता, साझा समस्याओं के समाधान, शिक्षा के उत्थान और विद्यालय संचालकों के सम्मान एवं स्वाभिमान को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया गया।

मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप कुमावत ने अपने संबोधन में अभ्युदय के उद्देश्य और पहल की सराहना करते हुए कहा कि निजी विद्यालयों के हितों और शिक्षा के विकास के लिए इस मंच को व्यापक स्वरूप दिया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकाधिक विद्यालय संचालकों को जोड़ने तथा शिक्षा के उत्थान के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. कुमावत ने अभ्युदय के संरक्षक सदस्य बनने के लिए अपनी पूर्ण सहमति व्यक्त की और आश्वस्त किया कि आलोक संस्थान हमेशा अभ्युदय के साथ रहेगा। उन्होंने संगठन की गतिविधियों, विस्तार और शिक्षा जगत के हित में किए जाने वाले कार्यों में अपना पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन देने की बात कही। उनके इस आश्वासन का उपस्थित विद्यालय संचालकों ने स्वागत किया।

अभ्युदय के संभाग प्रभारी सी.पी. रावल ने अपने उद्बोधन में संगठन की कल्पना, प्रासंगिकता और भविष्य के लक्ष्यों को स्पष्ट करते हुए कहा कि अभ्युदय किसी संगठन का विकल्प नहीं, बल्कि निजी विद्यालयों के साझा हितों के लिए एक सहयोगी मंच है। इसका उद्देश्य विभिन्न संगठनों से जुड़े विद्यालय संचालकों को अपनी पहचान बनाए रखते हुए एकजुट करना है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में निजी विद्यालय RTE प्रतिपूर्ति में विलंब, प्री-प्राइमरी कक्षाओं के भुगतान, यूनिट कॉस्ट की समीक्षा, PSP पोर्टल की समस्याओं तथा विभिन्न विभागीय प्रक्रियाओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

रावल ने स्कूल शिक्षा परिवार द्वारा सरकार के संबंधित अधिकारियों को दिए गए नोटिस में उठाए गए प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करते हुए कहा कि इन विषयों पर सभी विद्यालय संचालकों को जागरूक होकर साझा सहमति बनानी चाहिए। अभ्युदय के माध्यम से मुद्दों का तथ्यपरक संकलन, सामूहिक कार्ययोजना और संबंधित विभागों के साथ निरंतर संवाद किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभ्युदय में किसी भी संगठन की विचारधारा से जुड़े विद्यालय संचालक सदस्य बन सकते हैं, लेकिन उन्हें संगठन के साझा मेनिफेस्टो और उद्देश्यों को स्वीकार करते हुए उनके प्रति प्रतिबद्ध रहना होगा। उन्होंने कहा, “हम किसी के विरुद्ध एकजुट नहीं होना चाहते, हम अपने शिक्षा जगत के हित में एकजुट होना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य संवाद समाप्त करना नहीं, बल्कि संवाद के रास्ते खोलकर सभी को साथ लेकर चलना है।”

कार्यक्रम में अभ्युदय के संभाग अध्यक्ष गिरीश जोशी ने RTE प्रतिपूर्ति, प्री-प्राइमरी कक्षाओं के भुगतान और निजी विद्यालयों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे। उन्होंने विद्यालय संचालकों से साझा हितों के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि प्री-प्राइमरी कक्षाओं की प्रतिपूर्ति का भुगतान नहीं होता है, तो सभी विद्यालय संचालकों को एकमत होकर आगे की रणनीति पर विचार करना चाहिए। इस विषय पर उपस्थित सदस्यों ने अपनी सहमति व्यक्त की और सामूहिक रूप से कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

मनीष कुमावत ने अपने संबोधन में अभ्युदय की कार्यशैली एवं उद्देश्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अभ्युदय की सबसे अच्छी बात यह है कि यहाँ किसी प्रकार की राजनीतिक प्रेरित महत्वाकांक्षा के बजाय निजी विद्यालयों के साझा हितों और शिक्षा के सकारात्मक उत्थान के लिए कार्य किया जा रहा है। उन्होंने इस पहल को निजी विद्यालय संचालकों को एक मंच पर लाने वाला सार्थक प्रयास बताते हुए कहा कि यदि सभी साथी व्यक्तिगत एवं संगठनात्मक सीमाओं से ऊपर उठकर साझा उद्देश्यों के लिए सहयोग करें, तो अभ्युदय शिक्षा जगत में सकारात्मक और प्रभावी भूमिका निभा सकता है।

शहर जिला अध्यक्ष कपिल शर्मा ने मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप कुमावत के सहयोग एवं मार्गदर्शन के आश्वासन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शहर जिला इकाई की टीम को संगठन के उद्देश्यों के लिए सदैव तत्पर रहना होगा। अभ्युदय को और व्यापक स्वरूप देने, अधिक विद्यालयों को जोड़ने तथा टीम का विस्तार करने की दिशा में सभी सदस्यों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी साथियों के सहयोग से संगठन को मजबूत और प्रभावी बनाया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान अभ्युदय की शहर जिला इकाई के उन सदस्यों का उपरना ओढ़ाकर सम्मान किया गया, जिन्होंने स्वेच्छा से संगठनात्मक दायित्व स्वीकार कर इस मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। इस सम्मान के माध्यम से उनके समर्पण, सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना का अभिनंदन किया गया।

कार्यक्रम में संभाग समन्वयक अनुभव गौड़ ने सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं उपस्थित विद्यालय संचालकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का मंच संचालन शालिनी उपाध्याय एवं प्रीति जैन ने किया।

इस अवसर पर सलूम्बर जिला प्रभारी जितेंद्र जैन, चित्तौड़गढ़ से प्रतिनिधि विनोद कुमावत एवं भगवत राजावत, महेश सुहेल, जयदीप भट्ट, विजय सक्सेना, अमानत अली, परमिंदर, राधेश्याम देवड़ा, रामेश्वर कुमावत, सत्यनारायण गौतम एवं ज्योत्सना जैन सहित अनेक विद्यालय संचालक एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम ने निजी विद्यालयों के बीच आपसी संवाद, सहयोग और सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। उपस्थित सदस्यों ने अभ्युदय के मंच को व्यापक बनाने तथा शिक्षा जगत के साझा हितों के लिए मिलकर कार्य करने के संकल्प को दोहराया।

अभ्युदय का संकल्प — एक मंच, एक संकल्प, सबका स्वाभिमान।

By Udaipurviews

Related Posts

error: Content is protected !!