वीर राजा बांसिया चरपोटा की शौर्य गाथा का गौरवगान अब राष्ट्रीय स्तर पर गूंजेगा

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें
वीर गाथा प्रोजेक्ट 6.0 में बांसवाड़ा के जनजातीय वीरों, मानगढ़ धाम और ऐतिहासिक विरासत को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
अमरथून (बांसवाड़ा)। बांसवाड़ा की ऐतिहासिक और जनजातीय गौरवशाली विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।  भारत सरकार के वीर गाथा प्रोजेक्ट 6.0 के तहत बांसवाड़ा के जनजातीय वीरों की शौर्य गाथाओं, मानगढ़ धाम के ऐतिहासिक महत्व और वीर राजा बांसिया चरपोटा की अमर गाथाओं को देशभर में प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाएगा। इस पहल के अंतर्गत ग्राम पंचायत अमरथून निवासी और बांसवाड़ा संस्थापक वीर राजा बांसिया चरपोटा के वंशजों से संपर्क कर उनके जीवन, संघर्ष, ऐतिहासिक योगदान, उपलब्धियों और गौरवशाली परंपराओं से संबंधित जानकारी संकलित की जाएगी।  इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को जनजातीय इतिहास, वीरता, परोपकार, संयम, आदर्श जीवन मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है।
अमरथून में गठित हुई विशेष टीम-इस अभियान को सफल बनाने के लिए राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अमरथून के स्थानीय युवाओं, ग्रामीणों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और राजकीय कार्मिकों की सहभागिता से एक टीम गठित की गई है।
इस पहल में खुश पाल कटारा, श्रीमती रैना निनामा , श्रीमति प्रज्ञा अधिकारी सहित वीर राजा बांसिया चरपोटा के वंशज कचरू लाल चरपोटा और रकम चंद्र चरपोटा नेतृत्वकारी भूमिका निभाएंगे।
टीम का उद्देश्य विद्यार्थियों और ग्रामीण समुदाय के सहयोग से स्थानीय इतिहास का संकलन करना तथा जनजातीय नायकों की वीरता और प्रेरणादायी जीवन प्रसंगों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना है।
19 अक्टूबर तक होंगी विविध रचनात्मक गतिविधियां-वीर गाथा प्रोजेक्ट 6.0 के अंतर्गत 19 अक्टूबर तक जागरूकता कार्यक्रम, आमने-सामने संवाद, नुक्कड़ नाटक, कविता, स्थानीय लोकगीत, निबंध, चित्रकारी और मल्टीमीडिया प्रस्तुतियों जैसी गतिविधियां आयोजित करने की योजना है।
इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को ऐतिहासिक विरासत से जोड़ते हुए उसे समकालीन संदर्भों में प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
तीन श्रेणियों में होंगी प्रतियोगिताएं-प्रथम श्रेणी : कक्षा 3 से 5 इस श्रेणी में विद्यार्थियों के लिए कविता पाठ, स्थानीय लोकगीत गायन और पेंटिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
द्वितीय श्रेणी : कक्षा 6 से 8- इस श्रेणी में कविता, स्थानीय लोकगीत गायन और पेंटिंग के साथ युद्ध की रिपोर्टिंग तथा लघु वीडियो प्रस्तुति जैसी गतिविधियां भी शामिल होंगी।
तृतीय श्रेणी : कक्षा 9 से 12- इस श्रेणी में कविता, निबंध लेखन, स्थानीय लोकगीत गायन, पेंटिंग और ड्राइंग के साथ स्थानीय योद्धाओं की वीरता, वीर राजा बांसिया चरपोटा की युद्धनीति, मानगढ़ धाम की गौरवगाथा और हाड़ी रानी की कहानी पर आधारित रचनात्मक प्रस्तुतियां तैयार की जाएंगी।
 इसके अतिरिक्त युद्ध की रिपोर्टिंग और लघु वीडियो प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों को इतिहास को नए दृष्टिकोण से समझने और अभिव्यक्त करने का अवसर मिलेगा।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चार प्रविष्टियां MyGov पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी।
जिला से राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेगी प्रतिभाएं-वीर गाथा प्रोजेक्ट 6.0 के अंतर्गत जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का मूल्यांकन किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर चयनित सुपर 100 विजेताओं को शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से प्रमाणित दिशा-निर्देशों के अनुसार ₹10,000 की पुरस्कार राशि तथा रक्षा मंत्रालय की ओर से सम्मान प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई है।
जनजातीय इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल –अमरथून में शुरू की जा रही यह पहल स्थानीय इतिहास, जनजातीय नायकों के योगदान और सांस्कृतिक गौरव को विद्यार्थियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।
वीर राजा बांसिया चरपोटा की जीवनगाथा, मानगढ़ धाम का ऐतिहासिक महत्व और जनजातीय समाज की प्रेरणादायी परंपराएं यदि प्रमाणिक तथ्यों, लोकस्मृतियों और ऐतिहासिक साक्ष्यों के साथ प्रस्तुत की जाती हैं, तो इससे बांसवाड़ा की विरासत को व्यापक पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।
इस पहल का मूल संदेश है—अपनी विरासत को जानें, अपने वीरों का सम्मान करें और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाएं।
By Udaipurviews

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