एहसास-ए-ग़ज़ल’ में कलाकारों ने दी सुरों की शानदार प्रस्तुति, श्रोताओं ने तालियों से बढ़ाया उत्साह
उदयपुर। ग़ज़ल अकादमी, उदयपुर की ओर से महान ग़ज़ल गायक एवं पद्मभूषण जगजीत सिंह की स्मृति में ‘एहसास-ए-ग़ज़ल’ संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन अशोका ग्रीन पैलेस, 100 फीट रोड पर किया गया। कार्यक्रम की स्थल साझेदारी अशोका ग्रीन के मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश माधवानी द्वारा की गई है।
जगजीत सिंह की अमर ग़ज़लों और गीतों को समर्पित इस शाम में कलाकारों ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम में ग़ज़ल अकादमी अध्यक्ष डॉ. जे.के. तायलिया, संरक्षक डॉ. प्रेम भंडारी, कोषाध्यक्ष सुभाष मेहता एवं पूर्व संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट ने सभी कलाकारों का उपर्णा ओढ़ाकर स्वागत एवं सम्मान किया।
अध्यक्ष डॉ. जे.के. तायलिया ने कहा कि जगजीत सिंह की स्मृति में आयोजित यह कार्यक्रम उनकी अमर गायकी एवं संगीत विरासत को श्रद्धांजलि है। साथ ही अकादमी का उद्देश्य उदीयमान कलाकारों को मंच प्रदान करना भी है, ताकि नई पीढ़ी को ग़ज़ल संगीत की समृद्ध परंपरा से जोड़ने के साथ नए कलाकारों को सुनने का अवसर मिले।
कार्यक्रम की शुरुआत निधि शर्मा शाह ने जगजीत सिंह के लोकप्रिय गीत ‘तुमको देखा तो यह ख्याल आया’ और ‘प्यार का पहला खत लिखने में वक्त तो लगता है’ से की। इसके बाद डॉ. अरविंद आशिया ने ‘होंठों से छू लो तुम’ और ‘कौन आएगा यहाँ’ की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।
भूपेंद्र पंवार ने निदा फ़ाज़ली की प्रसिद्ध ग़ज़ल ‘आहिस्ता-आहिस्ता’ और ‘मुझसे बिछड़कर खुश रहते हो’, जबकि विशाल राठौड़ ने ‘झुकी-झुकी सी नज़र’ सहित अपनी प्रस्तुतियों से महफिल में अलग रंग भर दिया। मनीषा पंवार ने चित्रा सिंह की लोकप्रिय ग़ज़लों से श्रोताओं को साथ गुनगुनाने पर मजबूर कर दिया। वहीं मारीशा दीक्षित ने मिर्ज़ा ग़ालिब की ग़ज़लों को अपनी आवाज से सजाया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा सुमित मंडल एवं हिमांक गांधर्व की जुगलबंदी। दोनों कलाकारों ने जगजीत सिंह के प्रसिद्ध भजन ‘अंबे चरण कमल हैं तेरे’ तथा ‘हर हर महादेव’ की प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। नवरात्रि के अवसर पर गूंजे इन भजनों ने श्रोताओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। दोनों कलाकारों की जुगलबंदी को श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहा।
संगत में विजय धांधड़ा ने सारंगी, हरि ओम तिवारी ने हारमोनियम, दीपेश गांधर्व ने ऑक्टोपैड, हर्ष वर्धन ने तबला और राजू राजस्थानी ने कीबोर्ड पर अपनी कला का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का संचालन रश्मीत कौर ने किया। अंत में ग़ज़ल अकादमी के सचिव डॉ. देवेंद्र सिंह हिरन ने सभी अतिथियों, कलाकारों एवं श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।
जगजीत सिंह की यादों में सजी ग़ज़लों की महफिल, ‘अंबे चरण कमल हैं तेरे’ से गूंजा भक्तिमय वातावरण
