अशोक नगर जैन मंदिर में जैन साहित्य पर 50% छूट, दश लक्षण पर्व के प्रतिभागियों का हुआ सम्मान

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर, 3 अक्टूबर। श्री दिगंबर जैन धर्म प्रभावना समिति एवं वर्षायोग समिति के तत्वावधान में अशोक नगर स्थित उदासीन आश्रम के श्री पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में चातुर्मास के तहत धार्मिक आयोजन श्रद्धा एवं भक्ति के साथ जारी हैं। मुनि अरहसागर महाराज एवं मुनि सुहित सागर महाराज के सानिध्य में आयोजित धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लेकर धर्मलाभ लिया।
चातुर्मास समिति के अध्यक्ष महेंद्र टाया एवं उपाध्यक्ष प्रमोद ठोलिया ने बताया कि इस अवसर पर श्री पारसनाथ दिगंबर जैन साहित्य विक्रय केंद्र पर जैन साहित्य 50 प्रतिशत की विशेष छूट के साथ उपलब्ध कराया गया। आयोजन का उद्देश्य जैन धर्म के साहित्य का प्रचार-प्रसार करते हुए समाज में धार्मिक ज्ञान और संस्कारों को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में पुण्य कार्यों में सहयोग देने वाले नरेंद्र टाया, जगदीश जैन, जिनेंद्र सेठ एवं प्रणीत सहित अन्य सहयोगियों का योगदान रहा।

दश लक्षण पर्व के प्रतिभागियों का सम्मान
श्री पारसनाथ नवयुवक मंडल के अध्यक्ष पंकज ठाकुरिया ने बताया कि मुनिश्री के सान्निध्य में आयोजित दश लक्षण पर्व के दौरान विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। इनमें उत्साहपूर्वक भाग लेने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह में पंकज ठाकुरिया, राजेश गंगवाल, मनोज, हेमंत बोरा, अभिषेक जैन, चंद्रेश जैन, डॉ. गौरव जैन, उजाला ठाकुरिया, शालू जैन, नेहा जैन, जिनेंद्र गंगावत, अनिल मेहता, अर्जुन पटवारी, सर्विस जैन, इंदिरा, कल्पना गंगावत, सरोज बोहरा, संगीता, मंजू शाह, निर्मल, विद्या, सीमा कुमावत, साल्टी टायर, संगीता एवं भारती सहित अन्य प्रतिभागियों का सम्मान किया गया।

16 कारण भावनाओं का महत्व बताया
मीडिया प्रभारी रमेश वैद्य ने बताया कि प्रवचन के दौरान मुनिश्री ने 16 कारण भावनाओं के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विनय संपन्नता की भावना को जीवन में अपनाने तथा सभी के प्रति विनम्रता, श्रद्धा और सद्भाव रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं का उद्देश्य व्यक्ति के जीवन में नैतिकता, संयम और आध्यात्मिक चेतना का विकास करना है। प्रत्येक व्यक्ति को विश्व कल्याण की भावना के साथ धर्म आराधना करनी चाहिए।

गौशाला में पहुंचकर की गौसेवा
धर्म प्रभावना समिति महामंत्री प्रकाश अखावत ने बताया कि सेवा गतिविधियों के अंतर्गत बलीचा स्थित चलती-फिरती गौसेवा एवं ध्यानोदय तीर्थ क्षेत्र की गौशाला में गौसेवा का कार्य किया गया। इस पहल के माध्यम से जीवदया, करुणा और प्राणी मात्र के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया गया।

By Udaipurviews

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