उदयपुर, 03 अक्टूबर। राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर के तत्वावधान में अकादमी के पुस्तकालय सभागार में जयपुर के प्रतिष्ठित एवं अकादमी द्वारा पुरस्कृत साहित्यकार मनोज कुमार शर्मा का ‘एकल रचना पाठ एवं संवाद’ कार्यक्रम गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित गणमान्य लोगों द्वारा मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात् मनमोहन मधुकर ने मधुर स्वर में सरस्वती वन्दना प्रस्तुत की। अकादमी सचिव बसंत सिंह सोलंकी ने सभी आगंतुक अतिथियों, साहित्यकारों और प्रबुद्ध जनों का शब्दों से अभिनंदन करते हुए स्वागत उद्बोधन दिया।
संवाद सत्र के दौरान श्री शर्मा ने अपने साहित्यिक अनुभवों को साझा करते हुए सर्वप्रथम अंतरराष्ट्रीय विश्व हिंदी सम्मेलनों में अपनी भागीदारी के अविस्मरणीय संस्मरण सुनाए। वैश्विक पटल पर हिंदी की स्थिति को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, ‘हिंदी का महत्व और प्रभाव आज केवल हमारे देश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पूरे विश्व में यह अत्यधिक मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।’
इसके बाद कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में श्री शर्मा ने अपनी चुनिंदा रचनाओं का सस्वर पाठ किया। उनकी विचारोत्तेजक और भावपूर्ण रचनाओं ने सभागार में मौजूद सभी श्रोताओं और साहित्यप्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर राजेश मेहता, खुर्शीद शेख, किशन दाधीच सहित शहर के कई वरिष्ठ साहित्यकार, लेखक और कलाप्रेमी उपस्थित रहे।
साहित्यकार मनोज कुमार शर्मा का एकल रचना पाठ आयोजित: ‘विश्व में बढ़ रहा हिंदी का महत्व’
