5 और 10 साल का विजन जनता के सामने रखने की मांग, वार्डवार विकास का रोडमैप भी मांगा
उदयपुर, 28 अगस्त। नगर निगम चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों ही उदयपुर में अपना बोर्ड और मेयर बनाने का दावा कर रही हैं। इसी बीच उदयपुर सिटीजन सोसायटी ने दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों से चुनावी घोषणापत्र यानी मेनिफेस्टो जनता के सामने रखने की मांग की है। सोसायटी ने कहा कि राजनीतिक दल केवल बोर्ड बनाने और मेयर बनाने का दावा न करें, बल्कि यह भी स्पष्ट करें कि अगले 5 और 10 वर्षों में उदयपुर के विकास के लिए उनका विजन क्या है और उसे किस समय सीमा में कैसे पूरा किया जाएगा।
उदयपुर सिटीजन सोसायटी के अध्यक्ष क्षितिज कुम्भट ने कहा कि नगर निगम चुनाव केवल बोर्ड और मेयर चुनने का विषय नहीं है, बल्कि यह उदयपुर के भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस सहित सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को जनता के सामने अपना स्पष्ट, समयबद्ध और मापने योग्य विजन डॉक्यूमेंट रखना चाहिए।
‘वार्डवार विकास योजना सार्वजनिक करने की मांग’
सोसायटी ने मांग की है कि दोनों प्रमुख दल अपने घोषणा पत्र में केवल सामान्य वादे करने के बजाय प्रत्येक वार्ड के लिए वार्डवार विकास योजना और प्राथमिकताएं स्पष्ट करें। साथ ही अगले 5 और 10 वर्षों का उदयपुर विकास विजन भी जनता के सामने रखा जाए।
सोसायटी ने प्रमुख रूप से शहर की स्वच्छता और कचरा प्रबंधन, सड़कों, फुटपाथ, पार्किंग और यातायात व्यवस्था के दीर्घकालीन समाधान को लेकर राजनीतिक दलों से स्पष्ट योजना मांगी है। बार-बार सड़क खोदने की समस्या रोकने के लिए Underground Utility और Integrated Road Planning की व्यवस्था, सर्विस रोड तथा आम नागरिकों के लिए फुटपाथ सुधार की योजना भी बताने को कहा गया है।
‘ब्लैक स्पॉट, अतिक्रमण और आवारा पशुओं पर भी मांगा रोडमैप’
शहर में दुर्घटना संभावित डेड जोन और ब्लैक स्पॉट को समाप्त करने की क्या योजना है, यह भी राजनीतिक दलों को बताना चाहिए। इसके अलावा आवारा पशुओं और सड़कों पर बढ़ते ठेलों की समस्या, चौराहों पर बने वेंडिंग जोन, सड़कों को चौड़ा करने की प्लानिंग और अतिक्रमण के व्यवस्थित एवं मानवीय समाधान को लेकर भी स्पष्ट रोडमैप मांगा गया है। सोसायटी ने शहर में हरियाली बढ़ाने, ऑक्सीजन स्तर बेहतर करने और Urban Green Spaces विकसित करने की योजना भी घोषणापत्र में शामिल करने की मांग की है।
‘नए क्षेत्रों के विकास और रेलवे स्टेशन के सामने अतिक्रमण’
नगर निगम में शहर और आसपास के नए क्षेत्रों के शामिल होने के बाद वहां बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किस मापदंड के आधार पर किया जाएगा, इसे भी स्पष्ट करने की मांग की गई है। सोसायटी ने सिटी रेलवे स्टेशन के सामने के क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने की समय सीमा और उसकी प्लानिंग को लेकर भी राजनीतिक दलों से जवाब मांगा है।
झीलों और आयड़ नदी में गंदे पानी की समस्या पर फोकस- निर्मल नागर
सिटीजन सोसायटी के सदस्य निर्मल नागर ने कहा कि उदयपुर की पहचान उसकी झीलों, आयड़ नदी, हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य से है, लेकिन वर्षों बाद भी झीलों में गंदे पानी की आवक और आयड़ नदी में गंदगी की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में विकास के नाम पर हजारों करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद आम नागरिक जानना चाहता है कि उदयपुर को वास्तव में स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और सुव्यवस्थित शहर बनाने का स्थायी समाधान क्या होगा। सोसायटी ने राजनीतिक दलों से झीलों और आयड़ नदी में जा रहे गंदे पानी को रोकने, सीवरेज एवं ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत करने और शहर के जल स्रोतों के वास्तविक पुनर्जीवन की कार्ययोजना भी मांगी है।
मास्टर प्लान और पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर भी मांगा विजन – भगवान सिंह भाटी
सिटीजन सोसायटी के सदस्य भगवान सिंह भाटी ने कहा कि उदयपुर सिटीजन सोसायटी ने मास्टर प्लान 2031 को प्रभावी रूप से लागू करने और आवश्यकता होने पर उसमें जरूरी सुधार करने की योजना बताने की मांग की है। इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने और नागरिकों को सुविधाजनक, सुरक्षित एवं किफायती परिवहन उपलब्ध कराने का रोडमैप भी घोषणापत्र में शामिल करने को कहा है।
पहले विजन बताएं, फिर वोट मांगें’
सोसायटी अध्यक्ष क्षितिज कुम्भट ने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि अगले पांच वर्षों में उसके शहर के लिए कौन क्या करेगा, कैसे करेगा, कितने समय में करेगा, उसकी जवाबदेही किसकी होगी और इसके लिए धन की व्यवस्था कैसे की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उदयपुर सिटीजन सोसायटी किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं है। सोसायटी की मांग जनहित और उदयपुर के सुनियोजित विकास को लेकर है।
कुम्भट ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस सहित सभी प्रमुख राजनीतिक दलों को जनता के सामने स्पष्ट विजन और measurable यानी मापने योग्य लक्ष्य रखने चाहिए। उदयपुर की जनता को केवल बोर्ड नहीं, बल्कि अगले दशक का ऐसा रोडमैप चाहिए, जो शहर को स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित, हरित, व्यवस्थित और विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी के रूप में विकसित कर सके।
सोसायटी ने उम्मीद जताई कि सभी राजनीतिक दल इस मांग को गंभीरता से लेते हुए अपना 5 वर्ष और 10 वर्ष का विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट जनता के सामने रखेंगे, ताकि नागरिक विभिन्न दलों की योजनाओं की तुलना कर उदयपुर के हित में निर्णय ले सकें। सोसायटी के अनुसार इससे नगर निगम चुनाव केवल राजनीतिक बोर्ड बनाने की प्रतिस्पर्धा न रहकर उदयपुर के भविष्य, पर्यावरण, नागरिक सुविधाओं और शहर की सुंदरता को नई ऊंचाई देने का अवसर बन सकेगा।
उदयपुर सिटीजन सोसायटी ने भाजपा-कांग्रेस से मांगा मेनिफेस्टो
