अरावली क्षेत्र में जनजातीय आजीविका और संभावित प्रभावों का होगा अध्ययन

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

’24 अगस्त से राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की टीम उदयपुर संभाग में’

उदयपुर, 21 अगस्त। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की टीम अरावली क्षेत्र से जुड़े मामलों और जनजातीय समुदाय पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का अध्ययन करने के लिए उदयपुर संभाग के विभिन्न जिलों का दौरा करेगी। आयोग ने इस संबंध में 21 अगस्त 2026 को संबंधित विभागों को पत्र जारी कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशानुसार गठित उच्च-स्तरीय समिति के समक्ष अरावली पहाड़ियों एवं पर्वत-श्रेणियों से जुड़े मामलों और अन्य संबंधित मुद्दों की जांच के संदर्भ में की जा रही है। आयोग द्वारा अरावली क्षेत्र में जनजातीय आबादी की आजीविका से संबंधित स्थिति तथा अरावली की परिभाषा/सीमांकन निर्धारित किए जाने के बाद जनजातीय समुदाय पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का अध्ययन किया जाएगा।

’24 अगस्त से शुरू होगा दौरा’
आयोग की टीम 24 एवं 25 अगस्त को उदयपुर जिले के गिर्वा एवं ऋषभदेव क्षेत्र में रहेगी। इसके बाद 25 एवं 26 अगस्त को सीमलवाड़ा, डूंगरपुर, जबकि 27 एवं 28 अगस्त को पालोदा, गढ़ी एवं त्रिपुरासुंदरी, बांसवाड़ा क्षेत्र का दौरा निर्धारित है। टीम में सहायक निदेशक प्रकाश चन्द्र मीणा, अनुसंधान अधिकारी चेतन कुमार शर्मा तथा अन्वेषक विष्णु दत्त सैनी शामिल हैं।

’संबंधित विभागों को सहयोग के निर्देश’
आयोग ने संबंधित जिलों के जनजातीय विकास अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, वन विभाग, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खनन विभाग तथा संबंधित उपखंड अधिकारी/तहसीलदारों से टीम के दौरे के दौरान उपस्थित रहने और आवश्यक सहयोग करने को कहा है। साथ ही वांछित दस्तावेज उपलब्ध कराने तथा अनुसूचित जनजाति की प्रभावित ग्राम पंचायतों में बैठकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

By Udaipurviews

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