उदयपुर, 16 अगस्त। सूरजपोल दादावाड़ी में चातुर्मास के तहत साध्वी डॉ. विद्युत प्रभा श्रीजी ने कहा कि भौतिक सुख नहीं, बल्कि ज्ञान, संवेदना और आत्मकल्याण ही जीवन का सच्चा उजाला है। उन्होंने आचारांग सूत्र के संदर्भ में दूसरों की पीड़ा समझने और अपनत्व की भावना विकसित करने का संदेश दिया। श्रेणिक महाराजा, पूर्णिया श्रावक, मम्मन सेठ व भरत चक्रवर्ती के प्रसंगों से मोह-परिग्रह के दुष्परिणाम बताए। रविवारीय धार्मिक प्रश्नोत्तरी में फलोदी की सुश्राविका रूपलता ने क्रिकेट प्रतियोगिता कराई, जिसमें ऋषभ ग्रुप प्रथम रहा। टीम में ऊषा दक, हीना नागौरी, चंद्रसिंह ढीलीवाल जैन, ईशा जैन, शीतल पोरवाल व भारती करणपुरिया रहे। सुशीला भंसाली, माया सिरोया, ऋतु पारिख, हेमलता नाहर, सुषमा नाहर, वंदना गन्ना, वीणा कोठारी, गौरव कोठारी, विवेक चैधरी, मनीष दोशी व मनोहर सिंह बापना का सहयोग रहा।
ज्ञान, संवेदना और आत्मचिंतन से ही जीवन में सच्चा सुख रू साध्वी विद्युत प्रभा
