17 अगस्त को देशभर में मजदूरों का प्रदर्शन, लंबित मांगों को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाएगा BMS

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर। मजदूरों की लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय मजदूर संघ (BMS) 17 अगस्त 2026 को देशभर में राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन करेगा। BMS की केंद्रीय कार्य समिति ने सभी राज्य इकाइयों और औद्योगिक फेडरेशनों से जिला मुख्यालयों पर बड़े प्रदर्शन, रैलियां और धरने आयोजित करने का आह्वान किया है। प्रदर्शन के बाद जिला अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री,के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
BMS के अनुसार, जुलाई में रांची में हुई केंद्रीय कार्य समिति की बैठक में देश की सभी 28 राज्य इकाइयों और 42 औद्योगिक फेडरेशनों को आंदोलन की तैयारी के निर्देश दिए गए थे। संगठन का कहना है कि मजदूरों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से लंबित हैं, जिनके समाधान के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाना जरूरी है।
-पेंशन से लेकर न्यूनतम वेतन तक प्रमुख मांगें

BMS ने EPS-95 के तहत न्यूनतम पेंशन बढ़ाकर 7,500 रुपये करने तथा इसे VDA और आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की मांग की है। संगठन ने ESI की सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये और EPF की सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग भी उठाई है।
इसके अलावा नए श्रम कोड के अनुसार पूरे वेतन पर बोनस घोषित करने, बोनस गणना की सीमा बढ़ाने तथा ग्रेच्युटी की गणना 15 दिन के वेतन के बजाय बिना सीमा के 30 दिन के वेतन के आधार पर करने की मांग रखी गई है। बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम वेतन निर्धारण के लिए नया फॉर्मूला तय करने की मांग भी आंदोलन का हिस्सा होगी।

स्कीम वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग : BMS ने आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ता, मिड-डे मील, एनएचएम सहित विभिन्न स्कीम वर्कर्स के मानदेय में बढ़ोतरी की मांग की है। संगठन ने संविदा कर्मचारियों के लिए समान काम का समान वेतन, वेतन चोरी करने वाले ठेकेदारों और मैनपावर एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई तथा सभी सरकारी सेवाओं में रिक्त पदों को भरने की मांग भी रखी है। इसके साथ ही पांच दिवसीय बैंकिंग प्रणाली लागू करने, जल्द भारतीय श्रम सम्मेलन आयोजित करने और पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग की गई है।

श्रम कोड को लेकर भी विरोध : BMS ने IR Code और OSH&WC Code का विरोध करते हुए इनमें मौजूद कथित श्रमिक-विरोधी प्रावधानों में संशोधन की मांग की है। संगठन का कहना है कि सरकार को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ बातचीत शुरू करनी चाहिए।
महामंत्री सुरेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि सरकार को एक करोड़ से अधिक स्कीम वर्कर्स के भविष्य पर केंद्रीय ट्रेड यूनियनों से चर्चा करनी चाहिए। BMS के अनुसार, बदलती कार्य परिस्थितियों को देखते हुए असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए भारत की परिस्थितियों के अनुरूप विशेष नीति बनाने की जरूरत है। संगठन ने स्कीम वर्कर्स की अवधारणा पर पुनर्विचार की मांग करते हुए कहा कि लंबे समय से काम कर रहे इन कर्मचारियों को उनके श्रम के अनुरूप अधिकार और सुविधाएं मिलनी चाहिए।
आगामी 17 अगस्त 2026 को दोपहर होने वाले धरना प्रदर्शन को लेकर भारतीय मजदुर संघ द्वारा पत्रकार वार्ता आयोजित की गयी जिसमे राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य अमर सिंह सांख्ला ने इस धरना प्रदर्शन मे अधिक से अधिक संख्या मे सम्मिलित होने का आग्रह किया,संभाग संगठन मंत्री रमेश सिंह चौहान,संभाग सह संगठन मंत्री राज कुमार गौड़, जिला मंत्री हेमंत गर्ग , ई पी एस राष्ट्रीय महा मंत्री प्रमोद कुंद्रा,मिडीया प्रभारी कमल बाबेल, संयुक्त मंत्री राजकुमार शर्मा आदि उपस्थित रहे l

By Udaipurviews

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