शहर में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
जलदाय विभाग ने मीडिया रिपोर्ट का किया खंडन
उदयपुर, 31 जुलाई। जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने गुरुवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) अधिकारियों की बैठक लेते हुए शहर की पेयजल व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शहर के प्रत्येक घर तक नियमित, सुचारु एवं निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होने दी जाए।
जिला कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने आवंटित जोन का स्वयं निरीक्षण एवं विस्तृत सर्वे करें। क्षेत्रवार पेयजल वितरण प्रणाली का भौतिक सत्यापन करते हुए यह सुनिश्चित करें कि कहीं भी तकनीकी खामी, जलापूर्ति में बाधा अथवा वितरण संबंधी समस्या नहीं रहे। उन्होंने कहा कि आमजन को समय पर पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
आपूर्ति में बाधा डाल रही तकनीकी समस्याओं का शीघ्र करें निस्तारण
बैठक में जिला कलेक्टर ने शहर के विभिन्न इलाकों में पेयजल पाइपलाइनों की स्थिति का गहन परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी पाइपलाइन में लीकेज, वाल्व की खराबी, कम दबाव अथवा अन्य तकनीकी समस्याएं हों, उनका तत्काल चिन्हीकरण कर प्राथमिकता से समाधान किया जाए। जलापूर्ति नेटवर्क के प्रत्येक महत्वपूर्ण बिंदु की तकनीकी जांच कर आवश्यक मरम्मत एवं सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण किए जाएं, ताकि पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकी जा सके और उपभोक्ताओं को निर्बाध जलापूर्ति मिल सके।
दो दिन में प्रस्तुत करें रिपोर्ट, अन्यथा होगी कार्रवाईःडीएम
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वे एवं निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली सभी समस्याओं का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर आगामी दो दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। रिपोर्ट में क्षेत्रवार समस्याओं, उनके कारणों तथा समाधान के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना का स्पष्ट उल्लेख किया जाए, ताकि आवश्यक निर्णय लेकर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इस दौरान अधीक्षण अभियंता रविन्द्र चैधरी समेत विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
विभाग ने पेयजल संकट संबंधी मीडिया रिपोर्ट का किया खंडन, 48 घंटे के अंतराल से हो रही नियमित जलापूर्ति
जलदाय विभाग ने गत दिनों मीडिया में प्रकाशित पेयजल संकट संबंधी न्यूज रिपोर्ट पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि प्रसारित समाचार में प्रस्तुत तथ्य पूर्णतः सही नहीं हैं। विभाग के अनुसार शहर में 48 घंटे के अंतराल से नियमित एवं सुचारु पेयजल आपूर्ति की जा रही है तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रति व्यक्ति प्रतिदिन लगभग 110 लीटर (एलपीसीडी) शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
अधीक्षण अभियंता चैधरी ने बताया कि हाल के दिनों में कुछ क्षेत्रों में तकनीकी खराबी, विद्युत आपूर्ति बाधित होने तथा वाल्व संबंधी समस्याओं के कारण जलापूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई थी, लेकिन संबंधित टीमों ने तत्काल मरम्मत कार्य कर अधिकतम 12 घंटे के भीतर जलापूर्ति बहाल कर दी। उन्होंने ने कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था की निरंतर निगरानी की जा रही है और किसी भी तकनीकी समस्या का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाता है।
