उदयपुर। पट्टों की मांग पर संघर्षरत पेराफेरी जिला संघर्ष समिति ने बुधवार को जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल से मिलकर आबादी भूमि हस्तांतरण के काम में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। संघर्ष समिति संयोजक चंदन सिंह देवड़ा के नेतृत्व में कोर कमेटी ने स्पष्ट शब्दों में कलक्टर से कहा कि अधीनस्थ तहसीलडारों, यूडीए सचिव के नेतृत्व वाली कमेटी को साफ निर्देश देने के बाद भी अधूरे आबादी हस्तांतरण के कार्य हुए है जिससे कई परिवार पट्टे के आवेदन नहीं कर पा रहे है। कलक्टर ने इस पर जल्द तेजी लाकर आबादी भूमि निगम ओर संबंधित पेराफेरी पंचायत को हस्तांतरण करवा आमजन को पट्टे दिलाने का आश्वासन दिया है। हालही में हाईकोर्ट ने शहरी सेवा शिविरों में राजकीय भूमि के नियमन पर अंतरिम रोक मामले में संघर्ष समिति जनता की ओर से कोर्ट में पैरवी करने को तैयार है। संघर्ष समिति ने कहा कि हम अतिक्रमण के पक्ष में नहीं है लेकिन 40सालों से आबादी विस्तार सरकारों के आदेश पर भी प्रशासनिक अधिकारियों ने नहीं किया जिससे पट्टे नहीं दिए तो इसका खामियाजा जनता नहीं भुगतेगी। हम हर जगह लड़ेंगे। कलक्टर द्वारा 25जून 2026 को दिए निर्देश में राज सरकार के नाम दर्ज आबादी भूमि संबंधित निगम ओर पंचायतों को देने के निर्देश के बावजूद गिर्वा तहसीलदार समेत अन्य अधिकारियों को जोर आ रहा है। आधे अधूरे आराजी की रिपोर्ट भेजकर पुनः मार्गदर्शन मांगा जा रहा है जबकि सीधे नामांतरण खोलने है। इस पर नाराज संघर्ष समिति प्रतिनिधियों ने गौरेला शिविर में जाकर श्याम सिंह चारण तहसीलदार गिर्वा का घेराव किया। ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा ने भी इस पर नाराजगी जताई और कहा कि दो दिन में आदेश नहीं हुए तो जनता के साथ सड़क पर उतरूंगा। यूडीए सचिव की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने आबादी हस्तांतरण के लंबित 41गांवों के प्रकरण में 32गांवों की एनओसी कलक्टर ऑफिस भेज दी है। संघर्ष समिति ने कहा इसके अलावा भी पेराफेरी के 150 गांवों की आबादी से लगती हुई भूमि जिस पर आबादी बसी है उसे संबंधित पंचायत को हस्तांतरण करावे ताकि पट्टे जारी हो सके। शहरी शिविरों में राजकीय भूमि नियमन मामले में हालही में हाईकोर्ट ने जो अंतरिम रोक लगाई उस को लेकर संघर्ष समिति कोर्ट में पार्टी बनने को तैयार है। संयोजक देवड़ा ने कहा है कि जब सेटलमेंट के 40साल बाद आज दिनांक तक आबादी विस्तार सरकारों के आदेश पर भी अधिकारियों ने नहीं किया तो जनता क्यों भुगते, गांवों में आबादी विस्तार होता गया बिलानाम भूमि पर सालों से बसे लोगों को सेट अपार्ट कर आबादी घोषित करना था जिससे राहत मिल जाती। समिति ने फिर स्पष्ट किया कि हम खाली जमीन पर अतिक्रमण ओर उसके नियमन के पक्ष में नहीं है लेकिन बरसो पुरानी बस्तियों में रहने वाली जनता को पट्टे हर हाल में मिलने चाहिए उसमें कोई रोड़ा बनेगा तो प्रभावित जनता अपनी लड़ाई खुद लड़ेगी। इस दौरान प्रकाश प्रजापत,ईश्वर पारगी, हेमराज गुर्जर, शंभू लाल, मोहन सिंह राठौड़, गजेन्द्र सिंह,देवेंद्र सिंह, लोकेश पालीवाल, नवलराम डांगी, चेनराम, देवकिशन सुथार, सोहन लाल, विक्रम कालबेलिया समेत पंचायतों के जनप्रतिनिधि,कोर कमेटी सदस्य मौजूद रहे।
40 साल में आबादी विस्तार सरकारों ने नहीं किया, जनता क्यों भुगते—संघर्ष समिति
