उदयपुर। मानसून के दौरान व्यापक पौधारोपण अभियान को लेकर ग्रीन पीपल सोसायटी (GPS) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), उदयपुर के बीच सोमवार को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में संस्थान परिसर को स्थानीय जैव-विविधता के अनुरूप विकसित करते हुए इसे हरित परिसर के मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में आईआईएम उदयपुर के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी श्री प्रकाश बिदियप्पा ने संस्थान परिसर का विस्तृत प्रेजेंटेशन देते हुए पूरे कैंपस का मास्टर प्लान प्रस्तुत किया। इसमें उन स्थलों को चिन्हित किया गया, जहाँ वर्तमान मानसून सत्र में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जा सकता है।
प्रस्तुतीकरण के बाद ग्रीन पीपल सोसायटी के विशेषज्ञों ने परिसर का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने विभिन्न स्थानों का आकलन करते हुए स्थानीय जलवायु एवं भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप देशी प्रजातियों के पौधारोपण की व्यापक संभावनाएँ चिन्हित कीं। विशेषज्ञों ने अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक हरित विकास योजना पर भी अपने सुझाव दिए। ग्रीन पीपल सोसायटी ने पौधों के चयन, वैज्ञानिक पौधारोपण, तकनीकी परामर्श तथा आवश्यक लॉजिस्टिक सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन देते हुए संस्थान के साथ मिलकर इस अभियान को सफल बनाने की प्रतिबद्धता जताई। ग्रीन पीपल सोसायटी के अध्यक्ष श्री राहुल भटनागर के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में उपाध्यक्ष डॉ. शरद श्रीवास्तव, सचिव डॉ. सतीश शर्मा, प्रो. इंदरजीत माथुर, श्री सुहेल मजबूर, श्री प्रताप सिंह, डॉ. आनंद सिंह जोधा तथा श्री जगमल सिंह खंगारोट शामिल रहे। बैठक में दोनों संस्थाओं ने पर्यावरण संरक्षण, जैव-विविधता संवर्धन तथा सतत विकास के उद्देश्य से संयुक्त रूप से कार्य करने पर सहमति व्यक्त की। विश्वास जताया गया कि यह पहल आईआईएम उदयपुर परिसर को एक समृद्ध, पर्यावरण-अनुकूल और प्रेरणादायी हरित कैंपस के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आईआईएम उदयपुर बनेगा हरित परिसर का मॉडल, जीपीएस तैयार की कार्ययोजना
