उदयपुर। महाराष्ट्र के नासिक में 25 से 28 जून 2026 तक आयोजित 14वीं राष्ट्रीय पेंचक सिलाट चैम्पियनशिप में उदयपुर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राजस्थान को गौरवान्वित किया। खिलाड़ियों ने कुल 16 पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इनमें 3 स्वर्ण, 5 रजत एवं 8 कांस्य पदक शामिल हैं।
उदयपुर पेंचक सिलाट एसोसिएशन के मुख्य सचिव हरीश कुमार सांवरिया ने बताया कि इंडियन पेंचक सिलाट फेडरेशन एवं महाराष्ट्र पेंचक सिलाट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर से करीब 2000 खिलाड़ियों ने भाग लिया। उदयपुर के खिलाड़ियों ने कठिन मुकाबलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पदकों की झड़ी लगा दी।
पदक विजेताओं में स्वर्ण पदक विजेता रुद्धरांशवर्धन सिंह,यशविका अनेजा,युगाश कलासुवा,रजत पदक विजेता धानी सांवरिया,अबीर जोशी, आरवीका जैन, हर्षि कुमावत, लेखांश कावड़िया,कांस्य पदक विजेता उत्कर्ष पटेल, सिद्धार्थ सिंह, जेसीका लखारी, हार्वी कुमावत, ग्यानवी नायक,सिद्धेश्वरी सिंह चौहान,शनाया जैन, लक्ष्मी डांगी ने मान बढ़ाया।
इस उपलब्धि में राजस्थान टीम के कोच प्रफुल्ल सांवरिया एवं रेफरी मनीष सालवी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन और प्रशिक्षण का ही परिणाम है कि खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन किया।
हरीश कुमार सांवरिया ने बताया कि पेंचक सिलाट भारत सरकार एवं युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त खेल है। वर्ष 2020 से इसे 5 प्रतिशत खेल आरक्षण के दायरे में शामिल किया गया है, जिससे खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में भी अवसर प्राप्त हो रहे हैं। यह खेल भारतीय विश्वविद्यालय संघ, अखिल भारतीय पुलिस खेल नियंत्रण बोर्ड तथा ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया से भी मान्यता प्राप्त है।
उन्होंने बताया कि पेंचक सिलाट अब एशियन गेम्स, एशियन मार्शल आर्ट्स गेम्स तथा राष्ट्रीय खेलों का हिस्सा बन चुका है, जिससे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के व्यापक अवसर मिल रहे हैं।
राष्ट्रीय पेंचक सिलाट चैम्पियनशिप में उदयपुर का दमदार प्रदर्शन, 16 पदक जीतकर बढ़ाया राजस्थान का गौरव
