उदयपुर। हृदय रोगियों एवं उनके परिजनों को तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने, मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने तथा ध्यान के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज एवं हार्टफुलनेस संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में कार्डियोलॉजी विभाग में प्रत्येक शनिवार सुबह 11 बजे हार्टफुलनेस मेडिटेशन सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन ने बताया कि कॉलेज प्रशासन की अनुमति से यह पहल शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि ध्यान एवं योग जैसी गतिविधियां हृदय रोगियों के उपचार के साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि इस पहल को प्रारंभ कराने में वेदांता के सीएसआर हेड अनुपम निधि ने कॉलेज प्रशासन से अनुमति प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश शर्मा ने बताया कि इसी क्रम में शनिवार को कार्डियोलॉजी विभाग के सेमिनार हॉल में आयोजित सत्र में भर्ती हृदय रोगियों, उनके परिजनों, महिलाओं एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सत्र में हार्टफुलनेस प्रशिक्षक रीता नागपाल ने प्रतिभागियों को हार्टफुलनेस मेडिटेशन का अभ्यास कराया तथा नियमित ध्यान, योग एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के महत्व पर प्रकाश डाला। हार्टफुलनेस प्रशिक्षक एवं केंद्र समन्वयक डॉ. राकेश दशोरा ने बताया कि नियमित ध्यान मानसिक तनाव कम करने, रक्तचाप नियंत्रित रखने, एकाग्रता बढ़ाने तथा हृदय रोगियों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य में सकारात्मक सुधार लाने में सहायक है। उन्होंने कहा कि यह सत्र प्रत्येक शनिवार आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक मरीज एवं उनके परिजन इसका लाभ उठा सकें। सत्र के शुभारंभ अवसर पर प्रोफेसर डॉ. अर्चना गोखरू, प्रोफेसर डॉ. दीपक आमेटा, हार्टफुलनेस जोन समन्वयक मधु मेहता, हार्टफुलनेस प्रशिक्षक मुकेश पटेल तथा हार्टफुलनेस प्रशिक्षक प्रफुल गांधी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभाग के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ तथा अन्य उपस्थितजनों ने भी सहभागिता निभाई।
मरीजों व परिजनों के लिए आरएनटी मेडिकल कॉलेज की सकारात्मक पहल, होंगें नियमित ध्यान सत्र
