उदयपुर। जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने यूडीए और निगम के अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि आयड़ नदी का सीमाकंन करवाया जाए और जो भी निर्माण अतिक्रमण की जद में आ रहा है उसके बाहर लाल स्याही से क्रोस का निशान लगाया जाए। साथ ही कहा कि आयड़ नदी की सीमा में जो भी नया निर्माण हो रहा है उसे तत्काल रोका जाए और कब्जा हटाया जाए। शहर विधायक ताराचंद जैन, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, यूडीए आयुक्त और निगम कमिश्रर अभिषेक खन्ना सहित नगर निगम, यूडीए, राजस्व विभाग और गिर्वा के अधिकारियों ने आयड़ नदी का दौरा किया। आयड़ पुल से सभी अधिकारी और जनप्रतिनिधि आयड़ नदी में उतरे और नदी पेटे में चलकर नदी क्षेत्र में आ रहे अवैध निर्माणों को देखा। उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने जिला कलेक्टर अग्रवाल को नदी की सीमा की जानकारी देते हुए कहा कि जो भी निर्माण आयड़ नदी के पास किए है, उनमें से 90 प्रतिशत निर्माण आयड़ नदी की सीमा में है और समय पर अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया तो लोगों ने पक्के निर्माण कर लिए। शहर विधायक जैन ने बताया कि पिछले तीन साल तक लगातार अधिकारियों के पीछे पडक़र नदी का सीमाकंन करवाया है। जैन ने बताया कि राजस्व, निगम और यूडीए की टीम ने जो सीमाकंन किया है उसके अनुसार आयड़ नदी में 15 से 20 फीट तक कब्जा किया हुआ है। इस पर जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना को स्पष्ट रूप से कहा कि जो भी निर्माण आयड़ की सीमा में किया गया है उसका सर्वे करवाकर निर्माणों पर लाल क्रोस का निशान लगाया जाए और अभी भी जो भी निर्माण आयड़ नदी के किनारे चल रहे है उन्हें तत्काल रोका जाए और पूरी जांच की जाए कि यह नदी की सीमा में है या नहीं और यदि नदी की सीमा में है तो उसे तत्काल हटाया जाए। इस पर आयुक्त खन्ना ने अधिकारियों को कार्यवाही के निर्देश दिए। आयड पुल से नदी मे ुंउतरे कलेक्टर सहित प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि नदी पेटे में दौरा करते हुए अशोक नगर श्मशान तक दोनों ओर के अतिक्रमणों और अवैध निर्माण को देखते हुए गए और अशोक नगर श्मशान से होकर निकल गए। इस दौरान शहर विधायक ताराचंद जैन, जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, यूडीए और निगम कमिश्रर अभिषेक खन्ना, यूडीए तहसीलदार डॉ. अभिनव शर्मा, गिर्वा तहसीलदार श्यामसिंह चारण, निगम के अधिशाषी अभियंता मनीष अरोड़ा, स्मार्ट सिटी के अधिशाषी अभियंता दिनेश पंचोली, निवर्तमान पार्षद रेखा उंटवाल, पूनमचंद मोर, शहर भाजपा उपाध्यक्ष दिग्विजय श्रीमाली, भाजपा नेता दीपक बोल्या, गजेन्द्र भंडारी, ललित तलेसरा, महेन्द्र दोषी सहित निगम, यूडीए और राजस्व की टीम उपस्थित थी। इस मौके पर उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने जिला कलेक्टर को नदी की सीमा तय कर फेंसिंग लगाने के कहा तो कलेक्टर अग्रवाल ने भी इसकी आवश्यकता जताते हुए फेंसिंग निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना को टेंडर कर नदी की सीमा में फेंसिंग करने के लिए कहा। आयुक्त खन्ना ने शीघ्र ही लगाने की सहमति दी। नदी के दौरे के दौरान पिछले वर्ष लगाए गए पेड़ों में कुछ पेड़ खड़े नजर आए। यह देखकर शहर विधायक ताराचंद जैन ने बताया कि पिछले मानसून में आयड़ नदी में सघन वृक्षारोपण किया था पर तेज बारिश और बहाव में पेड़ बह गए। इसके बाद भी आधे पेड़ अभी भी चल रहे है, जिला कलेक्टर अग्रवाल ने इस बार भी वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए। नदी के दौरे के दौरान नदी पेटे में स्मार्ट सिटी द्वारा बनाई गई दीवार को देखकर कलेक्टर उसे नदी की सीमा समझे तो शहर विधायक ताराचंद जैन ने बताया कि नदी की सीमा करीब 15 से 20 फीट पीछे है और बताया कि स्मार्ट सिटी ने अपनी सुविधानुसार दीवार बना दी तो कलेक्टर ने कहा कि स्मार्ट सिअी ने दीवार गलत बना दी, इससे अतिक्रमी को आगे बढऩे का मौका मिलेगा। साथ ही नदी की सीमा अनुसार फेंसिंग करने के निर्देश दिए। दौरे के दौरान उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने बताया कि वर्ष 1972 में बाढ़ आई थी और इस दौरान आयड नदी इतना पानी आया था कि अशोक नगर श्मशान में लगे चद्दर तक डूब गए थे। विधायक ने कहा कि आयड़ नदी की चौड़ाई काफी है पर धीरे-धीरे कब्जों ने इसे संकरा कर दिया।
आयड नदी में कब्जों को कलेक्टर सख्त, सर्वे कर क्रोस के निशान लगाने के दिए निर्देश
