भाजपा महिला नेता के अश्लील वीडियो मामले में आरोपी की दूसरी बार भी जमानत अर्जी खारिज

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

उदयपुर। अतिरिक्त सेशन न्यायाधीश महिला उत्पीडन प्रकरण के पीठासीन अधिकारी नवीन कुमार झरवाल ने शहर में भाजपा महिला नेता के अश्लील वीडियो प्रकरण में आरोपी एडवोकेट की ओर से जमानत के लिए प्रस्तुत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। आरोपी की ओर से जमानत के लिए यह दूसरी बार प्रार्थना पत्र अदालत में प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण के अनुसार आरोपी विशाल पुत्र देवीलाल निवासी नाग मार्ग चांदपोल बाहर के खिलाफ शहर की एक भाजपा महिला नेता की ओर से भूपालपुरा थाने में गत 11 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में पीडिता भाजपा महिला नेता ने आरोप लगाया कि वह विगत वर्ष से विशाल गुर्जर एडवोकेट के साथ लोढा कॉम्पलेक्स द्वितीय तल स्थित उसके आफिस में जूनियर के रूप में कार्य कर रही है। वकालत के कार्य एवं क्लाइंट से मिलने के लिए उसे अपनी कार से ले जाता है। करीब चार पांच माह पहले उसे अपने आफिस बुलाया तथा कोल्ड ड्रिंक पिलाई जिससे उसका सिर चकराने लगा। करीब आधे घंटे बाद उसे होश आया ओर देखा तो उसके कपडे अस्त व्यस्त थे। उसने विशाल की तरफ देखा तो वह हंसने लगा और बोला कि मुझे तुम अच्छी लगती हो तो उसने उसका न्यूड वीडियो बना लिया है अब वह जैसा कहे वैसा करना नहीं तो सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर देगा। इस डर से वह चुप रही तथा किसी को भी नहीं बताया। दो तीन दिन तक आफिस नहीं गई तो उसने उसे आफिस बुलाया तो वह डर के मारे आफिस गई और विशाल ने उसे बताया कि एआई की मदद से उसके चेहरे के साथ अपने परिचितों के चेहरे लगाकर वीडियो बना लिए हैं जिसकी सात आठ कापी तैयार करके अपने परिचित व रिश्तेदारों के पास अलग अलग रखवा दी है अब वह कहे वैसा उसे करते रहना नहीं तो वीडियो वायरल कर देगा और वह किसी को मुंह दिखाने नायक नहीं रहेगी। आरोप लगाया कि विशाल ने उसे अपने साथ शारीरिक संबंध बनाने व किसी से भी एप्रोच करवाकर उसके खिलाफ भूपालपुरा थाने में उसके क्लाइंट के धोखाधडी का मुकदमा रफा दफा करवा कराने का कहा। विशाल उससे शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बना रहा है। इस मामले में न्यायिक अभिरक्षा भुगत रहे आरोपी विशाल की ओर से जमानत के लिए दूसरी बार प्रार्थना पत्र अदालत में पेश किया गया जिसे पीठासीन अधिकारी नवीन कुमार झरवाल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी के कृत्य को गंभीर अपराध की श्रेणी में मानते हुए अस्वीकार कर खारिज कर दिया। राज्य की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक प्रेमसिंह पंवार ने की। आरोपी की ओर से पूर्व में जमानत प्रार्थना पत्र गत 24 फरवरी को खारिज किया जा चुका है।
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By Udaipurviews

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