उदयपुर| बालश्रम सामाजिक बुराई होने के साथ हमारे समाज पर एक कलंक है, हमें मिलकर सतत प्रयास करते रहने होंगे तभी इसे जड़ से खत्म किया जा सकता है। उक्त विचार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर के नवनियुक्त सचिव राहुल चौधरी ने अंतर्राष्ट्रीय बालश्रम निषेध दिवस के उपलक्ष में शहर के हिरण मगरी सेक्टर 6 स्थित गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर के सभागार में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए व्यक्त किए।इस अवसर पर बाल अधिकार विशेषज्ञ एवं गायत्री सेवा संस्थान के निदेशक डॉ. शैलेंद्र पंड्या ने बालश्रम निषेध दिवस की जानकारी देते हुए बताया कि हमारा प्रयास रहेगा कि हम आगामी 12 जून 2027 तक उदयपुर शहर को बालश्रम मुक्त उदयपुर आमजन के सहयोग से बना पाए। संस्थान द्वारा जिला प्रशासन, मानव तस्करी विरोधी यूनिट के सहयोग में पिछले 1 वर्ष में कुल 152 बाल श्रमिकों को मुक्त करवाने के साथ 50 से ज्यादा पुलिस एफ.आई.आर दर्ज करवाई गई साथ ही इस वर्ष नवाचार करते हुए जिन प्रतिष्ठानों में बाल श्रमिक नहीं मिलता उन्हें सम्मानित भी करवाया जाएगा। विशिष्ट अतिथि राजस्थान चाइल्ड एडवाइजरी ग्रुप के अध्यक्ष एवं समाजसेवी चंद्रगुप्त सिंह चौहान ने बताया कि हमें एक कार्य योजना बनाकर वर्तमान सरकार के सामने रखनी होगी ताकि जिले में बंद हुए समस्त बाल गृहों को पुनः संचालित किया जा सके ताकि बाल श्रम से मुक्त करवाए गए बच्चों का बेहतर पुनर्वास हो सके एवं उन्हें अपने जीवन में सही दिशा मिल पाए। पुलिस विभाग की मानव तस्करी विरोधी यूनिट के प्रभारी दयालाल चौहान ने पुलिस विभाग द्वारा राज्य में बालश्रम की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “उमंग VII” की जानकारी देते हुए बताया कि उक्त अभियान 1 जून से 30 जून तक चलाया जाएगा। अंत में शिक्षाविद् एवं गायत्री सेवा संस्थान के पूर्व अध्यक्ष डॉ. शरदचंद पुरोहित ने धन्यवाद् ज्ञापित किया। अतिथियों द्वारा विशेष अभियान “उमंग VII” के पोस्टर का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में आर.केग.के सदस्य डॉ.राजश्री गाँधी, डॉ.राजकुमारी भार्गव, अर्चना सिंह, प्रदीप रवानी ने अपने विचार रखे एवं कार्यक्रम में विभिन्न स्वयं सेवी संस्थानों के प्रतिनिधि, आर-कैग के सदस्य, मानव तस्करी विरोधी यूनिट के प्रतिनिधि सहित बच्चो से जुड़े विभागीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे। संचालन गायत्री सेवा संस्थान के कार्यक्रम समन्वयक नितिन पालीवाल ने किया।
बालश्रम सामाजिक बुराई होने के साथ समाज पर एक कलंक-चौधरी
