मां सरस्वती मंदिर” का निर्माण इसी माह होगा शुरू, प्रतिदिन होगी विधि-विधान से पूजा-अर्चना : मुकेश माधवानी

संगीत संग्रहालय परियोजना के प्रथम चरण में बनेगा “ मां सरस्वती मंदिर “, सुरों की मंडली की बैठक में हुआ निर्णय

उदयपुर। भारतीय संगीत, कला और संस्कृति की अधिष्ठात्री “ देवी मां सरस्वती “ को समर्पित भव्य मंदिर का निर्माण इसी माह से शुरू होगा। यह मंदिर सेलू गांव में प्रस्तावित प्रदेश के पहले संगीत संग्रहालय परिसर का प्रथम और प्रमुख निर्माण होगा। यह जानकारी सुरों की मंडली संस्था के संस्थापक अध्यक्ष मुकेश माधवानी ने वरजू विला, शोभागपुरा में आयोजित संस्था की महत्वपूर्ण बैठक में दी।

मुकेश माधवानी ने बताया कि संगीत संग्रहालय की संपूर्ण परिकल्पना “ मां सरस्वती “ की कृपा और भारतीय संगीत परंपरा के संरक्षण के उद्देश्य से की गई है। इसी कारण परियोजना के प्रथम चरण में “ मां सरस्वती “ के भव्य मंदिर का निर्माण कराया जाएगा। मंदिर में प्रतिदिन विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना होगी तथा स्थायी रूप से पंडितजी की व्यवस्था रहेगी। उनके सानिध्य में धार्मिक अनुष्ठान, विशेष पूजन एवं सांस्कृतिक-आध्यात्मिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य की सुचारू निगरानी एवं सुरक्षा के लिए दो सुरक्षा गार्ड तथा एक प्रोजेक्ट मैनेजर की नियुक्ति भी की जाएगी। मंदिर परिसर को भविष्य में संगीत साधकों, कलाकारों एवं श्रद्धालुओं के लिए एक प्रेरणादायी आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

मुकेश माधवानी ने कहा कि प्रस्तावित संगीत संग्रहालय केवल वाद्य यंत्रों और संगीत विरासत का संग्रह नहीं होगा, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, संगीत साधना और आध्यात्मिक मूल्यों का संगम बनेगा। “ मां सरस्वती मंदिर “ इस पूरे परिसर की आत्मा होगा, जहां से संगीत और संस्कृति के संरक्षण की यह यात्रा प्रारंभ होगी।

संस्था के सचिव अरुण चौबीसा ने बताया कि बैठक में मंदिर निर्माण की रूपरेखा, व्यवस्थाओं तथा आगामी कार्यों को लेकर विभिन्न सुझाव प्राप्त हुए, जिन्हें कार्ययोजना में शामिल किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मां सरस्वती के आशीर्वाद से यह परियोजना प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान बनेगी।

कोषाध्यक्ष योगेश उपाध्याय ने कहा कि समाज के सहयोग और सहभागिता से यह मंदिर एवं संगीत संग्रहालय आने वाले समय में मेवाड़ की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने सभी दानदाताओं एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए इस जनहितकारी पहल में निरंतर सहयोग की अपील की।

बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने ‘मां सरस्वती मंदिर’ एवं संगीत संग्रहालय परियोजना को शीघ्र साकार करने का संकल्प व्यक्त किया तथा इसके लिए सामूहिक प्रयासों को और गति देने पर सहमति जताई। बैठक में संगीत संग्रहालय की कार्ययोजना, निर्माण कार्य एवं भावी स्वरूप पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें मुकेश माधवानी, अरुण चौबीसा, योगेश उपाध्याय, सीपी जैन, सूर्यप्रकाश सुहालका, हाजी मोइनुद्दीन, एच काजी, हेमा जोशी, रिया कालरा, डॉ. विमल शर्मा, गोपाल स्वर्णकार, संजीव पटवा, नीलम पटवा, गोपाल लाल स्वर्णकार, अशोक जी, एसडी कौशल आदि उपस्थित थे।

By Udaipurviews

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