उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर में ‘भारतीय सिंधु सभा’ के तत्वावधान में आयोजित “सिंधु संस्कृति गौरव यात्रा 2026” एक ऐतिहासिक समागम में तब्दील हो गई। कार्यक्रम में उमड़ी सिंधी समाज की भारी भीड़ और पूज्य पंचायत की एकजुटता ने अपनी जड़ों और संस्कृति के प्रति अटूट आस्था का परिचय दिया। समारोह में पदाधिकारियों व अतिथियों द्वारा सबसे पहले भगवान झूलेलाल साई व भारत माता पर दिप प्रज्ज्वलित एवं माला अर्पण कर कार्यक्रम प्रारंभ किया और सिंधी भाषा के संरक्षण के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
समारोह को संबोधित करते हुए भारतीय सिंधु सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेन्द्र कुमार तीर्थाणी ने कहा कि 14 अगस्त का दिन विभाजन की विभीषिका का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सिंध एक दिन पुनः अखंड भारत का हिस्सा बनेगा। उन्होंने भारत सरकार से मांग की कि सिंधी भाषा, साहित्य और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने हेतु जल्द ही एक ‘केंद्रीय विश्वविद्यालय’ की स्थापना की जाए।
मातृभाषा ‘अबाड़ी बोली’ और संस्कारों पर जोर
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सुमधुर संगठन गीत “धर्मलाए जियुं असि” के साथ हुआ। सुश्री रमा शिव्याणी ने ‘सिन्धी अबाड़ी बोली’ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा से जुड़े रहने की प्रेरणा दी। प्रदेश संरक्षक मोहन लाल वाधवाणी ने आगामी 3 और 4 अक्टूबर को जयपुर में आयोजित होने वाले भव्य ‘राज्य स्तरीय पंचायत मुखी सम्मेलन’ की घोषणा की, जिसमें प्रदेश भर से 500 से अधिक प्रतिनिधि शामिल होंगे।
समाज के ‘रत्नों’ का हुआ भव्य सम्मान
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया:
डॉ. प्रदीप गेहानी: शिक्षा और योग के क्षेत्र में 1500 से अधिक लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए।
गिरधारी लाल ज्ञानाणी: ‘बाल संस्कार शिविर’ के माध्यम से बच्चों को डिजिटल माध्यम से संस्कृति से जोड़ने हेतु।
ईश्वरलाल मोरवाणी: सिंधु गौरव यात्रा और सांस्कृतिक तीर्थ स्थलों के विकास में सहयोग के लिए।
विष्णुदेव सामताणी: सामाजिक सुरक्षा और वंचित वर्गों की सेवा हेतु।
डॉ. मनोहर लाल कालरा: समाज के वरिष्ठ मार्गदर्शक के रूप में विशेष सम्मान।
झूलेलाल सेवा समिति के अध्यक्ष प्रतापरॉय चुग व महासचिव मनोज कटारिया,श्री बिलोचिस्तान पंचायत के नानकराम कस्तूरी,पूज्य शिकारपुर पंचायत के सुनील शिकारपुरी,लक्ष्मण दास बजाज, सुखराम बालचंदानी, पूज्य कमलावाडी पंचायत , सब्जी मंडी अध्यक्ष मुकेश खिलवानी व टेकरी पंचायत के प्रेम तलरेजा व अन्य पदाधिकारियों का उपरणा ओढ़ाकर अभिनंदन किया गया
सिंध दर्शन तीर्थयात्रियों का जोरदार स्वागत
इससे पूर्व, सिंध दर्शन तीर्थयात्रा से लौटे यात्रियों का विजय आहूजा के नेतृत्व में ढोल-नगाड़ों, आतिशबाजी और पुष्पवर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन सुरेश कटारिया और प्रकाश फुलानी द्वारा किया गया। अंत में सामूहिक राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।
सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: सिंधी संस्कृति को घर-घर पहुंचाने का संकल्प।
डिजिटल पहल: क्यूआर कोड के माध्यम से सिंधी परिवारों की डिजिटल डायरेक्टरी बनाने की सराहना।
भारतीय सिन्धु सभा के गुरमुख कस्तूरी ने बताया कि कार्यक्रम के अंत में परम पूज्य हजूरी रूप सांई साधराम साहेब जी के ब्रह्मलीन होने के पर समाज द्वारा कार्यक्रम में श्रद्धांजलि दी गई।
