परमात्मा पर अटूट श्रद्धा ही मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है – साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी
नवपद आराधना के छठे दिन सम्यक्त्व पद की महिमा का वर्णन, संसार के बजाय धर्म और परमात्मा पर विश्वास रखने की दी प्रेरणा उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में शुक्रवार को आयोजित धर्मसभा में साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने नवपद आराधना के छठे दिन सम्यक्त्व पद की महत्ता समझाते हुए कहा कि सम्यक्त्व के बिना आत्मा की मोक्ष प्राप्ति संभव नहीं है। परमात्मा के प्रति अटूट श्रद्धा, उनके वचनों पर विश्वास और जीवन में उनके सिद्धांतों को अपनाना ही सम्यक्त्व का वास्तविक स्वरूप है। साध्वीश्री ने कहा कि तेला, अठाई और अन्य तपस्याएं करना आराधना है, लेकिन हृदय में परमात्मा…
