जीवन शेयर बाजार की तरहःज्ञानचन्द्र महाराज
उदयपुर। न्यू भूपालपुरा स्थित अरिहंत भवन में आयोजित धर्मसभा मे आचार्य ज्ञानचन्द्र महाराज ने कहा कि अच्छे बुरे कर्मों का उतार-चढ़ाव निरंतर बना रहता है। जीवन शेयर बाजार की तरह है। खुशनसीब वह नहीं जिसके नसीब अच्छे हैं। खुशनसीब वो है जो अपने नसीब से खुश है। भगवान महावीर ने कहा कि हर स्थिति को कर्मों का उदय भाव जानकर खुश रहें। कर्मों की 148 प्रकृति या है,एक प्रकृति के असंख्य असंख्य भेद बनते चले जाते हैं। जीव प्रति समय 7 या 8 कर्म बांधता है और सात या आठ कर्म तोड़ता है। शेयर बाजार की तरह बल्कि उससे भी…
