रोटरी क्लब उदयपुर मीरा ने पुला विद्यालय को भेंट किए 30 सेट बेंच-डेस्क

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– ‘कोई बच्चा न बैठे जमीन पर’ अभियान से संवरेगा विद्यार्थियों का भविष्य
– दो चरणों में 60 सेट फर्नीचर वितरित, विद्यार्थियों को मिली बेहतर शैक्षणिक सुविधा

उदयपुर, 28 अक्टूबर। विद्यार्थियों को सम्मानजनक एवं सुविधाजनक वातावरण में शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर मीरा की ओर से संचालित सेवा परियोजना ‘कोई बच्चा न बैठे जमीन पर’ के द्वितीय चरण के तहत महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, पुला में 30 सेट तीन-सीटर बेंच-डेस्क भेंट किए गए। सोमवार सुबह 11 बजे आयोजित कार्यक्रम में फर्नीचर उपलब्ध कराकर विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।
रोटरी क्लब मीरा की अध्यक्ष रोटेरियन कुकू लेखारी ने बताया कि परियोजना के प्रथम चरण में बिछड़ी स्थित राजकीय विद्यालय में 30 सेट बेंच-डेस्क वितरित किए गए थे। वहीं, द्वितीय चरण में पुला विद्यालय को 30 सेट उपलब्ध कराने के साथ ही क्लब ने दोनों चरणों में कुल 60 सेट फर्नीचर वितरित करने का लक्ष्य पूरा किया। इस पहल से विद्यार्थियों को कक्षा-कक्ष में बैठकर पढ़ाई करने की बेहतर सुविधा मिलेगी और अध्ययन-अध्यापन का वातावरण अधिक अनुकूल बनेगा। इस सेवा कार्य में मदाम तारिका पाटनी ने उदारतापूर्वक सहयोग प्रदान किया। क्लब ने उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में इस प्रकार का सहयोग विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या विद्या गौड़ ने रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर मीरा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उपलब्ध कराया गया फर्नीचर विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। इससे कक्षा-कक्ष में पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा तथा विद्यार्थियों को सुविधाजनक ढंग से अध्ययन करने का अवसर मिलेगा।
रोटरी क्लब मीरा की अध्यक्ष रोटेरियन कुकू लेखारी ने परियोजना की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी सहयोगकर्ताओं एवं सदस्यों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने परियोजना अध्यक्ष एवं मेजर डोनर रोटेरियन मधु सरीन के समर्पण, सक्रियता और प्रभावी कार्यान्वयन की विशेष रूप से प्रशंसा की। उनके प्रयासों से यह सेवा परियोजना सफलतापूर्वक आगे बढ़ सकी।
रोटेरियन मधु सरीन ने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन करने, अनुशासन बनाए रखने और शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का सदुपयोग करते हुए अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढऩा चाहिए। उन्होंने परियोजना को सफल बनाने में क्लब अध्यक्ष एवं सचिव के सहयोग के लिए भी आभार जताया।
रोटेरियन राजकुमारी गांधी, निदेशक सामुदायिक सेवा, ने परियोजना को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सभी 60 सेट बेंच-डेस्क के लिए प्रायोजकों को जोडऩे में विशेष योगदान दिया। उनके प्रयासों से अभियान को व्यापक स्वरूप मिला और विद्यार्थियों तक आवश्यक सुविधाएं पहुंचाना संभव हुआ।
कार्यक्रम के दौरान रोटेरियन उर्मिला जैन के सहयोग से विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को बिस्कुट वितरित किए गए। इससे कार्यक्रम में आत्मीयता और प्रसन्नता का माहौल बना। क्लब सचिव रोटेरियन एडवोकेट स्नेहा के. शर्मा ने विद्यालय की प्रधानाचार्या एवं समस्त स्टाफ का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में रोटेरियन डॉ. प्रीति सोगानी और रोटेरियन उर्मिला जैन भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के शिक्षक दीपक प्रताप ने किया। उन्होंने रोटरी क्लब की इस संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किए जाने वाले ऐसे प्रयास शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यालय की उपप्रधानाचार्या सविता वैष्णव ने आश्वस्त किया कि उपलब्ध कराए गए फर्नीचर का उचित रखरखाव किया जाएगा। साथ ही विद्यार्थी और शिक्षक मिलकर शैक्षणिक परिणामों में उल्लेखनीय सुधार लाने का प्रयास करेंगे।
रोटेरियन डॉ. प्रीति सोगानी ने बताया कि रोटरी क्लब ऑफ उदयपुर मीरा की यह पहल शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता, सामाजिक संवेदनशीलता और सेवा भावना का उदाहरण बनी। ‘कोई बच्चा न बैठे जमीन पर’ अभियान के माध्यम से क्लब ने संदेश दिया कि प्रत्येक बच्चे को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आगे बढऩे के समान अवसर मिलने चाहिए। विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे ऐसे प्रयास विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करते हैं।

By Udaipurviews

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