पुलिस मुठभेड़ में घायल दीपक राजसमंद के जिला अस्पताल में है भर्ती
उदयपुर। पुलिस मुठभेड़ में घायल उदयपुर जिले के हार्डकोर अपराधी और हिस्ट्रीशीटर बेटे से मिलने अस्पताल में पहुंची मां ने जहर खा लिया। जिसने रविवार अलसुबह उदयपुर के निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव केलवा थाना पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया।
मिली जानकारी के अनुसार एक व्यापारी के अपहरणकर्ता उदयपुर जिले के घोषित हार्डकोर अपराधी और सुखेर सहित दो थानों के हिस्ट्रीशीटर दीपक मेनारिया को उसके अपराधी दोस्त किशन मेनारिया के साथ उदयपुर पुलिस ने राजसमंद पुलिस के सहयोग से मुठभेड़ के दौरान पकड़ा था। गंभीर रूप से घायल दीपक मेनारिया और उसके मित्र किशन मेनारिया को राजसमंद के जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। शनिवार रात दीपक की मां गीता मेनारिया ने जहर पी लिया। जिसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां हालात बिगड़ने पर उसे उदयपुर के लिए रेफर कर दिया गया। जहां परिजनों ने उसे गीतांजली मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां रविवार अलसुबह दम तोड़ दिया। केलवा थाना पुलिस के पहुंचने पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
चीरवा के कारोबारी का अपहरण कर मांग रहे थे 35 लाख की फिरौती
उल्लेखनीय है कि उदयपुर के निकटवर्ती चीरवा गांव कारोबारी किशन रेबारी का अपहरण कर भागे जिले के हार्डकोर अपराधी दीपक मेनारिया तथा उसके अपराधी मित्र किशन मेनारिया को गिरफ्तार करने केलवा क्षेत्र में पहुंची उदयपुर पुलिस से मुठभेड़ हो गई थी। जिसके बाद राजसमंद पुलिस के सहयोग से उदयपुर पुलिस ने दोनों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया, वहीं अपहृत कारोबारी दीपक मेनारिया को रिहा कराया। दोनों अपराधियों ने किशन रेबारी का अपहरण कर उनके परिजनों से 35 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी।
दोनों हिस्ट्रीशीटरों पर उदयपुर जिले में 41 मामले दर्ज
हिस्ट्रीशीटर दीपक और किशन मेनारिया के खिलाफ उदयपुर जिले के विभिन्न थानों में अपहरण, फिरौली, धमकी देने और मारपीट आदि के 41 केस दर्ज हैं। दोनों अपराधियों को पकड़ने क लिए उदयपुर पुलिस लंबे समय से सक्रिय थी और छह राज्यों दबिश भी दी लेकिन वह पकड़ में नहीं आ पा रहे थे।
