दर्पण सभागार  में नाटक काबुलीवाला का हुआ मंचन: कठपुतलियों ने दर्शाया कहानी का मर्म

उदयपुर.पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र उदयपुर की ओर से शिल्पग्राम के दर्पण सभागार में मासिक नाट्य संध्या रंगशाला के तहत 7 मई को कठपुतली नाटक काबुलीवाला का मंचन किया गया। वरिष्ठ नाट्य निर्देशक डॉ.लईक हुसैन के निर्देशन में हुए नाटक में टैगोर की प्रसिद्ध कहानी ‘काबुलीवाला’ के मर्म को कठपुतलियों ने मंच पर जाहिर किया। सभागार में  जब यह नाटक का मंचन हुआ तो टीएडी छात्रावास के बच्चों और हर उम्र के दर्शकों ने इसका लुत्फ उठाया।
पर्दा उठता है, मधुर आवाज में बैकग्राउंड में ‘काबुलीवाला आया, सूखे मेवे लाया’ गीत बजता है। रंगबिरंगी पोशाकों में सजी कठपुतलियां अफगानी काबुलीवाले का इस्तकबाल करती हैं। मासूम ‘मिनी’ काबुलीवाले को आवाज देकर रोकती है, वह उससे मुखातिब होना चाहती है, पर उसे डर है कि काबुलीवाला उसे उठा ना ले। पिता के समझाने पर मिनी और काबुलीवाले की दोस्ती हो जाती है। मिनी की मां संदेह कर काबुलीवाले को धमकाकर भगा देती है। मिनी और काबुलीवाला नम आंखों के साथ एक दूसरे से दूर होते है। यकायक कहानी में मोड़ आता है। उधारी के पैसे लेने पहुंचे काबुलीवाले से अनजाने में सेठ की हत्या हो जाती है। 10 साल बाद वह वापस आता है, शादीशुदा मिनी की विदाई से पहले उससे मिलता है। दोनों के पुराने दिनों की यादें ताजा हो जाती है। कठपुतलियों ने पूरी जीवंतता के साथ कहानी को साकार किया। कभी हंसाने और कभी रुलाने के साथ कठपुतलियों ने दर्शकों में मिलेजुले भावों को जागृत किया। कार्यक्रम में
पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की निदेशक श्रीमती किरण सोनी गुप्ता,अतिरिक्त टीएडी आयुक्त अंजलि राजोरिया सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
By Udaipurviews

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