सुख, समृद्धि, स्वास्थ धन की रक्षार्थ भगवान धन्वंतरि की करंे आराधना – कुलाधिपति बीएल गुर्जर
उदयपुर 06 नवम्बर / राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय दीपोत्सव के पहले दिन शुक्रवार को धनतेरस पर पंडित डॉ. कुल शेखर व्यास, विशाल शर्मा के सानिध्य में कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर , कुलपति प्रो. मंजु मांडोत द्वारा धन्वन्तरी, लक्ष्मी जी की विधि विधान से पूजा अर्चना कर देश में अमन चेन, सुख शांति की कामना की।
कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर ने कहा कि धन्वंतरी की पूजन के साथ ही पांच दीपावली का त्यौहार शुरू हो गया है। हमारे प्राचीन पौराणिक साहित्य में वर्णित है कि देवासुर संग्राम की पृष्ठभूमि में अमृत के लिए हुए समुद्र मंथन में चौदह रत्न निकले थे, उनमें एक रत्न भगवान धन्वंतरि थे। जिनके हाथों में अमृत कलश था। इस कारण मान्यता है कि भगवान धन्वंतरि आयुर्वेद के आदि प्रवर्तक है। इसलिए धन्वंतरि को आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। धन्वन्तरी के ग्रंथों की पूजा एवं उनका स्मरण मात्र से ही समस्त रोगों का नाश हो जाता है।
कुलपति प्रो. मंजु मांडोत ने कहा कि धनतेरस का पर्व केवल धन की पूजा का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है। लक्ष्मी जी की कृपा उसी घर में बनी रहती है, जहां स्वच्छता, संस्कार और परिश्रम होता है। विश्वविद्यालय परिवार ने आज सामूहिक रूप से यही संकल्प लिया है कि हम स्वस्थ जीवनशैली अपनाएंगे और शिक्षा के माध्यम से समाज में सुख-समृद्धि फैलाएंगे।
इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ. तरूण श्रीमाली, परीक्षा नियंत्रक डॉ. पारस जैन, प्रवीण गुर्जर, डॉ. दिलीप सिंह चौहान, डॉ. नजमुद्दीन, निजी सचिव कृष्णकांत कुमावत, जितेन्द्र सिंह चौहान, डॉ. संजीव राजपुरोहित, उमराव सिंह राणावत, डॉ. चन्द्रेश छतलानी, ऋत्विका गुर्जर, वर्तिका गुर्जर, किशन सिंह राव, भगवती लाल श्रीमाली, रजनी पी., कालुसिंह सहित कार्यकर्ता ने धन की देवी लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना की।
