उदयपुर। मेवाड़ में गंगाजी का चौथा पाया माने जाने वाले गंगू कुण्ड का पानी दूषित होने लगा है। जिसके चलते इसमें मछलियों की मौत होने लगी हैं और सड़ांध के चलते उठती बदबू से करीबी बस्ती के लोग परेशान होने लगे हैंं। इधर, गंगू कुण्ड के पुजारी का कहना है कि आस्था के नाम पर कुण्ड में पूजन सामग्री के लगातार विसर्जन से ऐसे हालात हुए हैं। इंकार करने के बावजूद लोग घी—तेल के दीपक तक कुण्ड में विसर्जित कर देते हैं।
शहर के महासतिया(महासत्या)रोड स्थित गंगू कुंड के पास खड़ा रहना भी मुश्किल हो रहा है। पुजारी परिवार के सदस्य अनुप कुमार नागदा का कहना है कि तेल और घी के दीपक कुण्ड में फैंके जाने से पानी के उपर तेल और घी की परत जमने से पानी में आॅक्सीजन की कमी होने लगी और मछलियों की मौत होने लगी। उन्होंने बताया कि मरी मछलियों को बाहर निकाला गया तथा सफाई काम शुरू कराया गया है। पिछले साल भी इसी तरह के हालात हो गए थे। तब भी कुण्ड की सफाई कराई थी। जिसके बाद कुण्ड पर बोर्ड लगाकर लोगों को सूचित किया गया कि वह इस कुण्ड मं किसी तरह की सामग्री नहीं डालें, किन्तु लोग नहीं मानते।
उदयपुर के गंगू कुण्ड का पानी हुआ दूषित, मर रहीं मछलियां
