वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान – 2026
विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम
कालका माता नर्सरी में हुए विविध आयोजन
उदयपुर, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सीसारमा रोड स्थित कालका माता नर्सरी मेंवंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जिला प्रशासन, वन विभाग, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय एवं ग्रीन पीपल सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय आयोजित हुआ।
मुख्य अतिथि सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जल और पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों से ही सफल हो सकता है। उन्होंने युवाओं से प्रकृति संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। मुख्य समारोह में उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, जिला कलक्टर गौरव अग्रवाल, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. कैलाश डागा, संभागीय मुख्य वन संरक्षक सेडूराम यादव, समाजसेवी गजपालसिंह, ग्रीन पीपल सोसायटी अध्यक्ष राहुल भटनागर भी बतौर अतिथि मंचासीन रहे। अतिथियों ने जल संरक्षण, वृक्षारोपण और पर्यावरण संतुलन के लिए जनसहभागिता की आवश्यकता पर बल दिया। इससे पूर्व उप वन संरक्षक मुकेश सैनी, अजय चित्तौड़ा, यादवेंद्रसिंह चुण्डावत, सहायक वन संरक्षक सुरेखा चैधरी आदि ने अतिथियों का स्वागत किया।
प्रकृति से साक्षात्कार: ट्रैकिंग और बर्ड वॉचिंग
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 6 बजे जंगल सफारी पार्क में हुई, जहां विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए पैदल ट्रैकिंग, बर्ड वॉचिंग एवं नर्सरी भ्रमण का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बच्चों का उत्साह देखने योग्य रहा।
कैप और बीज वितरण से दिया हरित संदेश
वन विभाग द्वारा वंदे गंगा अभियान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिभागियों को विशेष कैप वितरित की गई। वहीं ग्रीन पीपल सोसायटी ने अमलतास, करंज, कचनार, सहजन और सीताफल सहित पांच प्रजातियों के बीज वितरित कर अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित किया।
चंदन, महुआ और सीताफल के पौधे लगाए
मंचीय कार्यक्रम के पश्चात् अतिथियों ने परिसर में चंदन, महुआ, सीताफल सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भी पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। समूचा आयोजन वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की थीम पर आधारित रहा। वक्ताओं ने जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
टॉक शो में युवाओं ने रखे सुझाव
समापन अवसर पर आयोजित टॉक शो में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, ग्रीन पीपल सोसायटी तथा वन विभाग की टीम ने भाग लिया। चर्चा के दौरान पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के विषयों पर विचार साझा किए गए। पिपलांत्री मॉडल की कार्बन क्रेडिट प्रणाली की जानकारी साझा की गई। इस दौरान पेड़ बचाओ, पैसा कमाओ की अवधारणा पर चर्चा करते हुए बताया गया कि पर्यावरण संरक्षण को आजीविका और आर्थिक विकास से भी जोड़ा जा सकता है।
