विप्र महाकुंभ ने भरी राजनीतिक प्रतिनिधत्व की हुंकार, कहा – ब्राह्मण अब अपमान सहन नहीं करेगा’

काबीना मंत्री कल्ला ने इडब्ल्यूएस आरक्षण 14 प्रतिशत करने की पुरजोर वकालत
उदयपुर। विप्र फाउंडेशन का सातवां विप्र महाकुंभ ने हुंकार भरी कि ब्राह्मणों का अपमान अब सहन नहीं होगा। संख्या बल के अनुपात में लोकसभा व विधानसभा में टिकट, राजनीतिक रूप से आरक्षित क्षेत्र में वंचित समाज को बोर्ड निगम में प्राथमिकता से मनोनयन तथा विधान परिषद के गठन का भी मुद्दा जोर शोर से उठा ।
विप्र महाकुंभ में शिक्षा मंत्री डॉक्टर बी.डी.कल्ला ने विप्र को सामाजिक प्रतीक बताया तथा उच्च सेवा में प्रतिशत बढ़ाने की वकालत करते हुए कहा कि कोचिंग की व्यवस्था हमे करनी होगी। उन्होंने केंद्र के समक्ष 14 प्रतिशत आरक्षण की मांग उठाई और कहा कि विप्र बैंक स्थापना भी होनी चाहिए ताकि हमारे बच्चों को रोजगार मिल सके। हरियाणा से आए कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज ने राजस्थान में गठित विप्र कल्याण बोर्ड को 100 करोड़ की राशि राज्य सरकार से दिलवाने की मांग रखी तथा कहा कि तभी इस बोर्ड की सार्थकता होगी।
’सागवाड़ा को जिला बनाने की मांग उठी’
महाकुंभ की खास बात यह रही कि जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत मालवीय, सांसद कनक मल कटारा आदि कई सर्व समाज के नेताओं ने भी मंच को सांझा किया। कटारा ने सागवाड़ा को जिला बनाने की मांग उठाई। उन्होंने बांसवाड़ा को रेल लाइन से जोड़ने की भी मांग की, जबकि जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने वागड़ की धरती का स्वर्ग बताया तथा कहा कि हम सब मिलकर आगे बढ़ेंगे।
’भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने मोबाइल से किया संबोधित’
नव नियुक्त भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने भी महाकुंभ को ऑनलाइन एड्रेस करते हुए कहा कि मुझे वागड़ की धरती से विशेष लगाव है। महाकुंभ की विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संरक्षक एवम मावली विधायक धर्म नारायण जोशी सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया। कई संत-महात्मा आशीर्वाद देने पहुंचे इनमे रामस्वरूप दास महाराज एवं रघुवरदास प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

By Udaipurviews

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