लूटे जेवर से उठाया लोन, कुवैत जाने से पहले पुलिस ने किया गिरफ्तार
शेयर में 30 लाख का घाटा होने के बाद रचने लगी थी हत्या की साजिश, पहले भी सब्जी में नींद की गोली डालकर करने जा रही थी हत्या
उदयपुर। उदयपुर शहर के पॉश नवरत्न कॉम्पलेक्स एरिया की डायमंड कॉलोनी में पिछले सप्ताह बोहरा समुदाय की दो वृद्धा बहनों की हत्या लूट के लिए उन्हीं की रिश्तेदार महिला ने की थी। लूटे जेवरात से उसने लोन लिया और कुवैत जाने की फिराक में थी। उसके जाने से पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
मिली जानकारी के अनुसार 22 अक्टूबर को डायमंड कॉलोनी की एक कोठी में रह रही 75 वर्षीया हुसैना बाई पत्नी स्व. याहाया अली तथा उनकी 80 वर्षीया बड़ी बहन बोहरवाड़ी निवासी सारा बाई पत्नी स्व. अहमद अली की हत्या कर दी गई थी। इस घटना से ना केवल नवरत्न कॉम्पलेक्स एरिया बल्कि समूचे बोहरा समाज में हड़कम्प मच गया तथा समाज के लोग अगले दिन अपने परिजनों की सुरक्षा को लेकर पुलिस महानिरीक्षक अजयपाल लाम्बा से मिले थे।
पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो दोनों के शव कमरे में लहूलुहान हालत में ओंंधे मुंह पड़े थे। सिर में गहरी चोट से अनुमान लगाया जाना आसान था कि उनकी हत्या की गई। दोनों के पहने जेवरात सही सलामत पाए जाने से पुलिस भी अचंभित थी। इसके चलते लूट को लेकर हत्या की शंका से इंकार कर रही थी।
बहन की पुत्रवधू निकली हत्या की आरोपी
पुलिस ने बताया कि हुसैना अली अपने बेटे सैफी के साथ दिल्ली में रहती थी लेकिन यदा—कदा वह उदयपुर आकर रहती थी। जब कभी उदयपुर आती तब वह अपनी बड़ी बहन सारा को अपने यहां बुला लेती। एक महीने से हुसैना यहां थी। उनकी देखभाल के लिए बेटे सैफी ने यहां राजसमंद जिले के बेणीराम सालवी को रखा हुआ था, जो अपनी पत्नी तथा चार बच्चों के साथ कोठी के एक कमरे में रहता था। नवरात्रि पर वह परिवार सहित अपने घर गया। जांच में पता चला कि हुसैना अली के पास उनकी एक और बहन जुबैदा के बेटे मुस्तनसिर बोहरा की पत्नी मारिया(32)आया करती थी। वह हुसैना तथा उनका बेटा सैफी के कहने पर अकसर घर आती थी तथा बाहरी कामकाज संभालती थी। जिसके लिए उनके बेटे से अपनी पुरानी सेन्ट्रो कार उसे दी हुई थी। पुलिस की जांच के दौरान वह हमेशा मौजूद रही ताकि उस पर पुलिस को किसी तरह का शक ना हो। पुलिस ने जब पड़ोसियों और रिश्तेदारों से पूछताछ की तो उनमें मारिया भी शामिल थी। पता चला कि वह कुवैत जाने वाली थी और उसने टिकट करा लिया था। उसका पति कुवैत में रहकर काम करता है। उसके कुवैत में जाने से पहले पुलिस ने उससे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने कबूल कर लिया कि उसी ने दोनों बहनों की हत्या की। उसने बताया कि वह चुपके से घर में घुसी थी। हुसैना जब जेवरात उताकर टीवी देखने कमरे में आई तब उसने सरिया से पहले उसके सिर पर हमला किया और बाद में उसका गला घोंट दिया। इसका पता सारा को नहीं था लेकिन जैसे ही सारा कमरे में आई तो उसने मारिया को पहचान लिया तो उसने उसी समय सारा बाई पर भी सरिया से हमला कर दिया, उसके बेहोश होकर फर्श पर गिरने के बाद उसका भी गला घोंट दिया। पुलिस ने हत्या में उपयोग लिया सरिया तथा वारदात के समय पहना बुर्का कोठी के निचले कमरे से बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों ही सबूतों को जब्त कर लिया और एफएसएल जांच के भेज दिया।
पहले भी की हत्या की कोशिश
हत्या के मामले में गिरफ्तार मारिया ने पुलिस को बताया कि उसने पहले भी दोनों बहनों की हत्या की कोशिश की थी। एक बार लौंकी की सब्जी में नींद की गोलियां मिला दी थी। वह उनके बेहोश होने के बाद गला घोंटकर मारना चाहती थीं लेकिन केयरटेकर बेणीराम सालवी की बेटियों की वजह से उनकी हत्या नहीं कर पाई। उसने बताया कि उसने चुराए जेवरात से लोन उठा लिया। कुछ जेवरात उसने दोनों वृद्धाओं के शरीर पर छोड़ दिया ताकि पुलिस को गुमराह कर सके।
आग लगाने का प्रयास, ताकि सबूत ही नहीं बचे
मारिया ने घर में आग लगाने की कोशिश की थी, ताकि हत्या का सबूत हीं नहीं बचे। इसक लिए वह पहले से पेट्रोल भरी बोतल साथ में लाई थी। हत्या के बाद उसने उस कमरे में बिछे कालीन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जहां दोनों बहनों के शव पड़े थे लेकिन आग नहीं फैली और कालीन सुलगता रहा। आग फैल जाती तो दोनों के शव भी जल जाते और पुलिस के हाथ कुछ भी सुराग नहीं लगता। हालांकि पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी, जिसमें मारिया का पता नहीं चला।
उदयपुर के दोहरे हत्याकांड का खुलासा: रिश्तेदार महिला ने जेवरातों के लिए की थी वृद्धा बहनों की हत्या
