उदयपुर, 1 अगस्त। सुरक्षित बचपन और नशा मुक्त भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से उदयपुर जिले में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता गतिविधियों का क्रम लगातार जारी है। आरोग्य जिला नशा मुक्ति केंद्र (आरोग्य सेवा संस्थान) के तत्वावधान में विभिन्न विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों ने नशे के विरुद्ध जनजागरण का संदेश देते हुए समाज को व्यसनमुक्त बनाने का आह्वान किया।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, गोखर मगरी में आयोजित जागरूकता रैली का शुभारंभ संस्था प्रधान मानसिंह कुशवाहा ने हरी झंडी दिखाकर किया। उन्होंने कहा कि नशा परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। उन्होंने आरोग्य सेवा संस्थान द्वारा संचालित अभियान की सराहना करते हुए ग्रामीणों से नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
रैली में विद्यार्थियों ने हाथों में नशा विरोधी संदेशों वाली तख्तियां लेकर पूरे गांव में भ्रमण किया। नशा छोड़ो,जीवन जोड़ो, स्वस्थ युवा,समृद्ध भारत और नशा मुक्त समाज, हमारी पहचान जैसे नारों से गांव का वातावरण गुंजायमान हो उठा। विद्यार्थियों के उत्साह और जागरूकता संदेशों ने ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इसी क्रम में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, जगदीश चैक में भी विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्था प्रधान दुर्गेश कुमारी शर्मा की उपस्थिति में छात्राओं को स्वयं नशा न करने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने की शपथ दिलाई गई। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें और इस अभियान की अलख घर-घर तक पहुंचाएं।
कार्यक्रम में आरोग्य सेवा संस्थान के पदाधिकारी, कर्मचारी तथा विद्यालय का समस्त शिक्षक वर्ग उपस्थित रहा। सभी ने एक स्वर में संपूर्ण उदयपुर जिले को व्यसनमुक्त बनाने और जन-जन तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाने का संकल्प लिया।
नशे के खिलाफ विद्यार्थियों की हुंकार, रैली और शपथ से गूंजा उदयपुर
