उदयपुर के भृगेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी मोहन लाल नागदा के घर के कमरे में घुस गया था तेंदुआ, बगल के कमरे में पूरा परिवार
उदयपुर: जिले के गोगुंदा-सायरा मार्ग पर सेमड़ बस स्टैंड के समीप भृगेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी मोहन लाल नागदा के घर में बीती रात एक तेंदुआ घुस गया। जिस कमरे में तेंदुआ घुसा, उससे सटे दूसरे कमरे में पुजारी और उनके परिवार के अन्य पांच सदस्य मौजूद थे। तेंदुए के घुस आने का पता चलते ही उन्होंने अपने कमरे का दरवाजा लगा दिया और चार घंटे तक दहशत में बिताए।
सूचना पर उदयपुर से उप वन संरक्षक अरुण कुमार डी के साथ टीम मौके पर पहुंची तथा तेंदुए को ट्रेकुलाइज करने के बाद पकड़ लिया। जिसे बाद में जंगल में छोड़ दिया गया।
लगा जैसे मौत करीब से गुजरी
बताया गया कि घटना बीती रात आठ बजे की है। तब पुजारी मोहनलाल नागदा अपने घर के चौक में कुर्सी लगाकर बैठे थे। तभी घर के मुख्य गेट के समीप हलचल देखी। उन्होंने सीढ़ियों से चढ़ते हुए तेंदुए को देखा। तब तेंदुए और पुजारी के बीच मुश्किल पांच फीट की दूरी थी। पुजारी ने बताया कि एकबारगी तो ऐसा लगा कि किसी ने उनकी सारी ताकत छीन ली हो। पैर उठ नहीं पा रहे थे लेकिन किसी तरह हिम्मत जुटाकर कुर्सी से उठा तथा कमरे में घुसकर किवाड़ लगा लिए। उसी समय तेंदुआ पास के कमरे में जा घुसा। पुजारी परिवार यहां भाग्यशाली रहा कि तब उस कमरे में परिवार का कोई सदस्य नहीं था तथा जिस कमरे में वह घुसा, उसी में परिवार के पांचों सभी सदस्य मौजूद थे। उस समय की घटना को सोचकर अब भी वह सिहर जाते हैं। बताते है कि उन्होंने अपनी मौत को साक्षात पास से गुजरते देखा लेकिन वह भाग्यशाली हैं कि तेंदुए ने उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया।
दहशत के चार घंटे
पुजारी नागदा ने बताया कि उसके बाद परिवार के सभी सदस्य चार घंटे तक कमरे में बंद रहे। पास के कमरे में घुसे तेंदुए के गुर्राने तथा दहाड़ने की आवाज आज रही थी। जिसे सुनकर सभी लोग सिहर रहे थे। वे सभी जान बचाने के लिए शोर मचा रहे थे। उसी दौरान उनके मकान के बाहर गुजर रहे लोगों ने पुजारी के चिल्लाने की आवाज सुनी तो टॉर्च लेकर कुछ लोग आए। इसी दौरान तेंदुए ने बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन टॉर्च की रोशनी पड़ने पर वह फिर घर के अंदर आ गया था। पड़ोसी हितेश प्रजापत तथा संजय डांगी ने हिम्मत दिखाई और जिस कमरे में तेंदुआ घुसा, उसका किवाड़ बाहर से बंद कर दिया था। जिसके बाद उन्होंने खिड़की से कमरे में टॉर्च की रोशनी मारी तब दिखा कि तेंदुआ बैड पर उछल—कूद कर रहा था।
वन विभाग की टीम आई तो ली राहत की सांस
पुजारी तथा ग्रामीणों की सूचना पर करीबी राजसमंद जिले से कुंभलगढ़ वन्यजीव अभयारण्य की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने हालात देखे लेकिन उनके पास तेंदुए को ट्रेंकुलाइज करने की सुविधा नहीं थी। जिस पर उदयपुर से वन विभाग की टीम बुलाई गई। रात करीब 11 बजे उदयपुर से उपवन संरक्षक अरुण कुमार डी के नेतृत्व में टीम पुजारी के घर पहुंची तथा उसने कमरे में बंद तेंदुए को खिड़की से ट्रेंकुलाइज किया। उसके बेहोश होने पर उसे पकड़ा तथा पिंजरे में डालकर जंगल में छोड़ दिया।
रात को घर में घुसा तेंदुआ, चार घंटे तक पुजारी परिवार दहशत में रहा
