उदयपुरी। बिना वैध लाइसेंस के नशा मुक्ति एवं मनोरोग केन्द्र खोलकर वहां भर्ती कराए एक व्यक्ति से मारपीट तथा जातिगत दुर्भावना का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने केन्द्र के संचालक एवं उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया तथा दोनों के खिलाफ मारपीट तथा अनुसूचित जाति—जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। जिसकी जांच उप अधीक्षक शिप्रा श्रीवास्तव को सौंपी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार नाहरमगरा निवासी पीड़ित गोवर्धनलाल पुत्र जेतराम मेघवाल ने प्रतापनगर थाने में काया कल्प सेवा संस्थान, नशा मुक्ति एवं मनोरोग केन्द्र के संचालक तथा सहयोगी के खिलाफ शिकायत दी थी। जिसमें बताया कि 14 मई 23 को उसकी पत्नी दुर्गा मेघवाल ने उसे नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करया था। तब केन्द्र के संचालक मनोज जोशी ने तीन महीने में नशा मुक्त कराने का आश्वासन देकर 5 हजार रुपए महीने के हिसाब से 15 हजार रुपए मांगे। तीन महीने बाद जब परिजन उसे लेने आए तो और तीन महीने केंद्र में भर्ती रखने की सलाह दी। जिसके एवज में 16 हजार रुपए और ले लिए। बताया गया कि इस दौरान केंद्र में उसके साथ मारपीट की जाती थी तथा उसे शौचालय में बंद कर वहीं खाना दिया जाता। उसके जातिगत दुर्भावना भी की जाती थी। 24 अक्टूबर को परिजन जब उसे लेने आए तो उससे कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए और उस पर लिख लिया कि उसके साथ केन्द्र में मारपीट नहीं की और ना ही किसी तरह की दुर्भावना। शिकायत की जांच उप अधीक्षक ने की तो प्रारंभिक जांच में मामला प्रमाणित पाया गया। साथ ही पता लगा कि बिना लाइसेंस के ही केन्द्र अवैध रूप से चलाया जा रहा था। जिस पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 323,504 और एस.सी./एस.टी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज करते हुए केन्द्र के संचालक चित्तौड़गढ़ मूल के ब्रह्मपुरी उदयपुर निवासी मनोज जोशी पुत्र गिरीश तथा उसके सहयोगी एकलिंगपुरा निवासी विष्णु डांगी पुत्र भैरूलाल को गिरफ्तार कर लिया।
बिना लाइसेंस के चला रखा था नशा मुक्ति एवं मनोरोग केन्द्र, मारपीट के मामले में संचालक व सहयोगी गिरफ्तार
