केंद्र की भाजपा सरकार आवाज उठाने वालों को दबाने में जुटी, फिर भी आवाज उठाते रहेंगे कांग्रेसी

उदयपुर व्यूज़ | ताजा खबरें

-राजेश वर्मा
उदयपुर, 28 मार्च । प्रदेश के राजस्व मंत्री तथा उदयपुर जिले के प्रभारी मंत्री रामलाल जाट ने कहा कि केद्र की भाजपा सरकार आवाज उठाने वालों को दबाने में जुटी है। किन्तु उन्हें यह भी जान लेना चाहिए कि कांग्रेस फिर भी जनहित में आवाज उठाते रहेंगे। चाहे वह ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स या अन्य किसी भी तरह की एजेंसियों को पीछे क्यो लगा दे। मंत्री जाट मंगलवार को उदयपुर में सीएम की बुधवार को आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लेने आए हुए थे और उसी दौरान उनसे बातचीत का अवसर मिला।
राजस्व मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक तरफ संसद में अपने आप को अकेला बताते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि अकेले राहुल गांधी हैं, जिनके आवाज उठाने से वह ही नहीं, पूरी पार्टी विचलित हो गई। उनके साथ तो ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स के अलावा अन्य कई एजेंसी ही नहीं, बल्कि विहिप, बजरंग दल तथा अन्य संगठन हैं। उनके नेता राहुल गांधी ने सीधा सवाल ही पूछा कि वह यह बताएं कि उनके अड़ानी के साथ क्या संबंध हैं, इस सवाल से वह विचलित हो उठे। जाट ने कहा कि राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि वह सच का साथ नहीं छोड़ेंगे, भले ही उन्हें जेल जाना पड़े।
मंत्री जाट ने कहा कि लोकतंत्र की पहचान मजबूत विपक्ष से होती है लेकिन भाजपा सरकार ने तय कर रखा है कि विपक्ष को साम, दाम, दंड या भेद से विपक्ष को कमजोर करना है। आज तक मानहानि के केस में किसी को एक साल की भी सजा नहीं हुई लेकिन राहुल गांधी को अधिकतम सजा दी गई। कर्नाटक में दिए बयान को लेकर तीसरा व्यक्ति केस करे, यह एक षडयंत्र नहीं तो और क्या हैं।
उन्होंने कांग्रेस में परिवादवाद को लेकर उठाए सवाल पर कहा कि पिछले तीस साल से गांधी परिवार का कोई भी सदस्य लाभ के पद पर नहीं रहा। संगठन के लिए वह निस्वार्थ काम करते रहे। उसके बावजूद उन पर परिवादवाद का आरोप लगाया जाता रहा है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार कर्मचारी पेंशन तथा महंगाई में बढ़ोतरी की तर्ज पर हर तरह के पेंशन में हर साल बढ़ोतरी करेगी। जिसका लाभ दिव्यांग, महिलाओं, वृद्धावस्था पेंशन सहित सभी पेंशनभोगियों को मिलेगा। इसका फायदा प्रदेश के एक करोड़ लोगों को मिलेगा। ऐसा करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य है। मंत्री जाट ने राज्य सरकार की चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में लागू स्वास्थ्य बिल को लेकर कहा कि वह ना तो डॉक्टर हैं और ना ही चिकित्सा मंत्री, किन्तु उनका इतना कहना है कि दोनों पक्षों में लगातार बातचीत के बाद निकाले निष्कर्ष के बाद बिल लाया गया है। बातचीत से ही हल निकलेगा, यूं ही जनता को परेशान करने से काम नहीं चलेगा। डॉक्टरों को आंदोलन की राह छोड़कर बातचीत का मार्ग अपनाना चाहिए।

By Udaipurviews

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