चातुर्मास आत्मपरिवर्तन का स्वर्णिम अवसर, इन चार महीनों में बदल जाए जीवनः साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी
परमात्मा की वाणी का श्रवण ही सम्यक ज्ञान की ओर पहला कदम विषयक प्रवचन उदयपुर। वासुपूज्य मंदिर दादाबाड़ी में आयोजित चातुर्मासिक आध्यात्मिक प्रवचनमाला में मंगलवार को साध्वी विद्युतप्रभा श्रीजी आदि ठाणा-6 ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्षभर में अनेक पर्व आते हैं, लेकिन चातुर्मास ऐसा आध्यात्मिक पर्व है, जिसके चार महीनों में यदि व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन नहीं ला पाया तो इस पर्व का वास्तविक उद्देश्य अधूरा रह जाता है। उन्होंने कहा कि जैसे प्रकृति में मौसम बदलता है और तपती धूप के स्थान पर हरियाली छा जाती है, उसी प्रकार हमारे विचारों, व्यवहार और…
